
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बॉबी कबूतर और मैडम जहर (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। अंडरवर्ल्ड लॉरेंस विश्नोई गैंग की परतें खुलती जा रही हैं और हर खुलासे के साथ अपराध की दुनिया का एक नया चेहरा सामने आ रहा है। अनमोल बिश्नोई के राजस्थान लाए जाने के बाद पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। इस बार महफूज उर्फ 'बॉबी कबूतर' पुलिस की गिरफ्त में आया है, जिसे पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अहम गन सप्लायर और ऑपरेशनल सहयोगी मानती है। उसके साथ खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा, जिसे गैंग में 'मैडम जहर' के नाम से जाना जाता है, वह भी पकड़ी गई है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों पिछले सात वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में थे और इसी दौरान नेहा, बॉबी की सबसे मजबूत ढाल बनकर उसे लगातार फरारी में मदद करती रही।
बताया जा रहा है कि बॉबी कबूतर का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि उसका संपर्क एशिया के कुख्यात हथियार तस्कर सलीम पिस्टल के साथ था। सलीम पिस्टल पहले ही भारत-नेपाल की सीमा से पकड़ा जा जुका है। पुलिस के मुताबिक, सलीम पिस्टल के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े थे। सलीम अवैध हथियारों को बॉबी और मैडम जहर तक पहुंचाता था, जहां से इनकी खेप लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक पहुंचती थी।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने खुफिया इनपुट और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर महिपालपुर फ्लाईओवर के पास जाल बिछाया। यहां से बॉबी कबूतर, नेहा और उनके दो सहयोगियों- मोहम्मद राजी खान व शाहबाज को दबोचा गया। पुलिस के अनुसार मौके से भारी मात्रा में ड्रग्स और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। बॉबी लंबे समय से पहचान बदलकर ठिकाने बदलता रहा और पुलिस को चकमा देता रहा।
जांच में यह भी सामने आया है कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले बॉबी ने कथित तौर पर पंजाब जाकर रेकी की थी और मूवमेंट से जुड़ी जानकारी हमलावरों तक पहुंचाई थी। इसके अलावा यूपी के बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर हुई फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई से भी उसका नाम जोड़ा जा रहा है। पुलिस इन कड़ियों की तफ्तीश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि नेहा यानी मैडम जहर नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में ब्यूटी पार्लर चलाती थी, लेकिन उसी की आड़ में कथित तौर पर गैंग के लिए कम्युनिकेशन लिंक, सुरक्षित ठिकाने और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराती थी। फरारी के दौरान बॉबी को ठहराने और संपर्क बनाए रखने में उसने अहम भूमिका निभाई। जांच एजेंसियां अब ड्रग्स और हथियारों के कथित सिंडिकेट की परतें खंगाल रही हैं।
स्पेशल सेल अब पूछताछ के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि गैंग में और कौन-कौन सक्रिय है, महिलाओं की क्या भूमिका रही और हाल के मामलों में किस स्तर तक इनकी भागीदारी थी। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से गैंग के कथित ड्रग्स-आर्म्स नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। आने वाले दिनों में पूछताछ से और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Updated on:
19 Feb 2026, 9:13 PM IST
Published on:
19 Feb 2026, 5:38 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.