
पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की पीएम पद की कुर्सी छिनने के साथ ही उनकी मुश्किलें भी शुरू हो गई थी। इमरान के पाकिस्तान की नई सरकार और देश की आर्मी की खिलाफत करने से दोनों ही उनके खिलाफ हो गए। पाकिस्तान में सेना की खिलाफत करना लोगों पर काफी भारी पड़ता है। भले ही इमरान को सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के साथ ही हाईकोर्ट से तोशखाना मामले और अल कादिर ट्रस्ट मामले में राहत मिल गई है, पर फिर भी इमरान के सिर पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी रहती है। अब इमरान पर एक बार फिर गिरफ्तारी का संकट छाया है। इमरान पर गिरफ्तारी का संकट छाने की वजह है देश के चुनाव आयोग का एक फैसला।
पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने एक बार फिर जारी किया गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट
पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान के खिलाफ गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट जारी किया है। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने सोमवार, 24 जुलाई को इमरान के खिलाफ गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट जारी किया। इमरान के साथ उनके करीबी और पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी (Fawad Chaudhary) के खिलाफ भी गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट जारी किया है। पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने कहा है कि इमरान और फवाद को गिरफ्तार करने उनके सामने पेश किया जाना चाहिए।
क्यों जारी किया गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट?
दरअसल इमरान और फवाद के खिलाफ पिछले साल चुनाव आयोग ने मामला दर्ज कराया था। इन दोनों के अलावा पीटीआई के अन्य नेता असद उमर (Asad Umar) के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया गया था। तीनों के खिलाफ चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज कराया गया था। बार-बार नोटिस देने के बाद भी तीनों चुनाव आयोग के सामने पेश नहीं हो रहे। इसी वजह से इमरान और फवाद के खिलाफ एक बार फिर गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट जारी कर दिया गया है। वहीं असद की दूसरे मामले में पेशी के साथ ही पहले के मेडिकल अपॉइंटमेंट की वजह से उसे राहत दे दी गई थी। पर यह पहला मौका नहीं है जब दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट जारी किया गया है।
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पहले भी जारी किए जा चुके हैं वॉरंट
इमरान, फवाद और असद के खिलाफ पाकिस्तान का चुनाव आयोग इससे पहले इसी साल 16 जनवरी और 2 मार्च को जमानती वॉरंट जारी कर चुका है। इसके बावजूद तीनों ही चुनाव आयोग के सामने पेश नहीं हुए। ऐसे में चुनाव आयोग ने 11 जुलाई को इमरान और फवाद के खिलाफ गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट जारी किया, जबकि असद को राहत दी गई। 11 जुलाई को हुई सुनवाई में भी दोनों ही पेश नहीं हुए और इसी वजह से 24 जुलाई को दोनों के खिलाफ एक बार फिर गिरफ्तारी का गैर-जमानती वॉरंट जारी किया गया। साथ ही सुनवाई की अगली तारीख आज, यानी कि 25 जुलाई तय की गई है, जिसके लिए इमरान और फवाद को पेश होना है।
इमरान ने बताया साजिश
इमरान ने इस पूरे मामले को पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह खान (Rana Sanaullah Khan) की साजिश बताया है। इमरान ने कहा है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए सनाउल्लाह ने यह साजिश रची है।
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