3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan : गिट्टी खरीदार बन महाराष्ट्र पहुंची ANTF, नाम बदलकर ‘वो’ चला रहा था ट्रैक्टर, ड्रग तस्कर को धर दबोचा

Rajasthan Police : राजस्थान पुलिस की एएनटीएफ ने दो साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी ड्रग तस्कर ब्रह्मालाल जाट को महाराष्ट्र से पकड़ा है। आरोपी महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में नाम और पहचान बदलकर क्रेशर प्लॉट पर ट्रैक्टर चला रहा था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Sanjay Kumar Srivastava

•

Updated: 14 Sep 2026, 8:03 PM IST

rajasthan antf 25000 rupees drug smuggler brahmalal jat arrested

Rajasthan : 'ऑपरेशन मयूरगंज' में महाराष्ट्र से दबोचा 25 हजार का इनामी ड्रग तस्कर। फोटो पत्रिका

Rajasthan Police : राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी ड्रग तस्कर ब्रह्मालाल जाट को महाराष्ट्र से पकड़ा है। आरोपी महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में नाम और पहचान बदलकर क्रेशर प्लॉट पर ट्रैक्टर चला रहा था। एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार ब्रह्मालाल (50 वर्ष) निवासी आसींद, भीलवाड़ा है। वह पढ़ाई-लिखाई से दूर रहा और शुरुआत में खेती-बाड़ी, पशु चराने, ट्रैक्टर और ट्रकों पर खलासी का काम करता था।

बाद में मजदूरी कर ट्रक खरीदा, लेकिन आर्थिक तंगी और ट्रक की किस्तें नहीं चुका पाने के कारण वह तस्करों के संपर्क में आ गया। ट्रक में माल लोडिंग की आड़ में उसने गांजा, डोडा-पोस्त और अफीम की तस्करी शुरू कर दी।

2024 में ट्रक पकड़ा तो छोड़ दिया मोबाइल

वर्ष 2024 में आसोप थाना पुलिस ने ब्रह्मालाल के ट्रक को डोडा-चूरा के साथ पकड़ा था। इसकी भनक लगते ही वह फरार हो गया। जोधपुर ग्रामीण एसपी ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस से बचने के लिए उसने मोबाइल का उपयोग बंद कर दिया और ठिकाने बदलता रहा। गुजरात के सोनगढ़ में 7-8 महीने मजदूरी करने के बाद वह महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के डेकवर्ड पहुंच गया।

धर्मा नाम बताकर भी नहीं बच पाया

मुखबिर से क्रेशर प्लॉट पर भीलवाड़ा के एक संदिग्ध व्यक्ति के छिपे होने की सूचना मिली। फोटो से पहचान के बाद एएनटीएफ की टीम ने एक व्यूह रचना की। एएनटीएफ की टीम गिट्टी खरीदार बनकर मौके पर पहुंची। टीम ने 5-6 किलोमीटर पैदल चलकर क्रेशर मशीनों और मजदूरों की गोपनीय जांच की।

डेकवर्ड के एक क्रेशर प्लॉट पर ट्रैक्टर चलाते मिले व्यक्ति से नाम पूछा तो उसने खुद को 'धर्मा' बताया। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपनी असली पहचान ब्रह्मालाल जाट के रूप में स्वीकार कर ली। इसके बाद एएनटीएफ की टीम ने उसे धर दबोचा।