
Ashok Gehlot : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जोधपुर में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा और रैली को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत व कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। इसके जवाब में कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आज जोधपुर में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल ने बिना तथ्यों के जो अनर्गल बातें कही हैं, उनसे मेरे मन को पीड़ा पहुंची है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर मेरे बारे में एकदम झूठे आरोप लगाकर जो कपोल-कल्पित कहानी प्रचारित की है, मुझे आशा है कि उसका विस्तृत विवरण, तथ्यों और दस्तावेजों सहित, वे मुझे भी देंगे और प्रदेश की जनता के सामने भी रखें अन्यथा 24 घंटे में माफी मांगें।
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि मैं तो उम्मीद कर रहा था कि लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुरूप वे स्वयं मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे आईएएस शिखर अग्रवाल पर विला खरीद को लेकर मीडिया में सार्वजनिक रूप से लग रहे मिलीभगत के आरोपों और इस प्रकरण में मुख्यमंत्री की संदिग्ध भूमिका को लेकर सच्चाई प्रदेश की जनता को बताएंगे क्योंकि अनंता कंपनी को विशेष छूट देने का फैसला जिस बोर्ड की बैठक में हुआ उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं हैं।
अशोक गहलोत ने आगे कहा कि परंतु ऐसा लगता है कि अपराधबोध से ग्रसित होकर मुख्यमंत्री बौखला गए और भाषा की मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ गए। इस प्रकार उन्होंने इन आरोपों से ध्यान भटकाने लिए जनता को भ्रमित करने का असफल प्रयास किया है।
अशोक गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, सवाल अब भी वही है। अनंता रिजॉर्ट को विशेष पैकेज दिए जाने में आपकी क्या भूमिका है, क्योंकि जिस निवेश बोर्ड के निर्णय के आधार पर यह पैकेज जारी हुआ, उसके अध्यक्ष आप ही हैं? और आखिर इस प्रकरण की जांच आप अपने अधीन एजेंसी एसीबी की बजाय केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को क्यों नहीं सौंप रहे? मुख्यमंत्री के अधीन आने वाली एजेंसी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुए बोर्ड के फैसले की निष्पक्ष जांच कैसे कर पाएगी?
जोधपुर में सीएम भजनलाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान की जनता ने कांग्रेस के शासनकाल में राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता संघर्ष का दौर देखा है। गहलोत सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय होटल तक सीमित रही। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने उपमुख्यमंत्री के लिए क्या-क्या नहीं बोला। उन्होंने कांग्रेस में कुर्सी के लिए संघर्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि हाल ही में हुई कांग्रेस की रैली में राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भाषण दे रहे थे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मंच पर भी जगह नहीं मिली। यह तो गहलोत के कर्मों का फल है। उन्होंने कहा कि वे किसान के बेटे हैं और किसानों के हितों के लिए कार्य कर रहे हैं। जबकि जादूगर गहलोत ने तो किसानों को लूटने का काम किया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल ने अशोक गहलोत के कार्यकाल में आरपीएससी की नियुक्तियों, पेपरलीक प्रकरणों और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जल जीवन मिशन घोटाले में उनकी सरकार के मंत्री और अधिकारी जेल गए। गहलोत ने जनता के हितों के बजाय रिश्तेदारों और परिवार से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाया। उनके पीएसओ पेपरलीक में गिरफ्तार हुए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला कोई भी व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे जवाबदेह होना पड़ेगा।