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Rajasthan High Court : बिना अधिसूचना टैक्स मांगना अवैध, वसूली गई राशि लौटाने के आदेश, राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने दूसरे राज्यों में पंजीकृत निजी वाहनों से राजस्थान में 30 दिन से अधिक समय तक रहने पर वन-टाइम रोड टैक्स वसूलने की कार्रवाई को अवैध ठहराया है।
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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 3 Nov 2026, 5:35 PM IST

rajasthan high court big verdict without notification demanding tax illegal

Rajasthan : फाइल फोटो पत्रिका।

Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने दूसरे राज्यों में पंजीकृत निजी वाहनों से राजस्थान में 30 दिन से अधिक समय तक रहने पर वन-टाइम रोड टैक्स वसूलने की कार्रवाई को अवैध ठहराया है। अदालत ने कहा कि इसके लिए कानून के तहत वैध अधिसूचना जारी होना जरूरी है। ऐसी अधिसूचना के अभाव में परिवहन विभाग को टैक्स लगाने या वाहन जब्त करने का अधिकार नहीं है। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायाधीश समीर जैन की खंडपीठ ने 90 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए संबंधित चालान और टैक्स मांग पत्र रद्द कर दिए। साथ ही, याचिकाकर्ताओं से वसूली गई राशि 30 दिन में लौटाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, राजस्थान की संस्कृति अतिथि देवो भव: और पधारो म्हारे देश की रही है। इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों और नागरिकों का स्वागत होना चाहिए, न कि कानून के विरुद्ध जबरन टैक्स वसूली।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनके निजी वाहन हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में पंजीकृत हैं। इन राज्यों में वे पहले ही वन-टाइम या लाइफटाइम टैक्स चुका चुके हैं। इसके बावजूद राजस्थान में प्रवेश करने पर परिवहन विभाग के फ्लाइंग स्क्वॉड और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों ने 30 दिन से अधिक वाहन रखने या चलाने का हवाला देकर उनसे भारी टैक्स मांगा। मुख्य मामले में 6.78 लाख रुपए तक टैक्स जमा कराने का दबाव बनाया गया और वाहन जब्त कर लिए गए।

हाईकोर्ट ने कहा कि बिना कानूनी प्राधिकार के कोई कर न तो लगाया जा सकता है और न ही वसूला जा सकता है। राज्य सरकार ने मालवाहक और यात्री वाहनों के संबंध में अधिसूचनाएं जारी की हैं, लेकिन दूसरे राज्यों में पंजीकृत निजी गैर-परिवहन वाहनों के लिए टैक्स की दर या अधिसूचना जारी नहीं की गई। ऐसे में इन वाहनों से टैक्स वसूलने का कानूनी आधार नहीं है।

बिना नोटिस और कारणयुक्त आदेश के वाहन जब्त करना उचित नहीं

खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरे राज्यों में पंजीकृत निजी वाहन अस्थायी रूप से राजस्थान लाए जाने पर 30 दिन तक कर से मुक्त हैं। इससे अधिक अवधि होने पर टैक्स देयता का सवाल उठ सकता है, लेकिन इसके लिए सक्षम अधिकारी को लिखित कारण दर्ज करने, वाहन मालिक को सुनवाई का अवसर देने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाने की जरूरत है। बिना नोटिस और कारणयुक्त आदेश के वाहन जब्त करना उचित नहीं है।

‘पधारो म्हारे देश’ की परंपरा का भी जिक्र

अदालत ने राजस्थान की मेहमाननवाजी और राष्ट्रीय एकता की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ‘एक राष्ट्र, एक कर’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है और राज्यों के बीच बाधाएं कम हो रही हैं। ऐसे में कानून के दायरे से बाहर जाकर दूसरे राज्यों के पर्यटकों और वाहन चालकों पर अनुचित वित्तीय बोझ डालना उचित नहीं है। अदालत ने टिप्पणी की कि राजस्थान की भव्यता अवरोध खड़े करने में नहीं, बल्कि अपने द्वार खुले रखने में है। कोर्ट ने लिखा, 'पधारो म्हारे देश, यहां अतिथि का सत्कार होगा, पर विधि के विरुद्ध किसी कर का नहीं अधिकार होगा।'