जयपुर

Rajasthan Politics: राइट टू हेल्थ पर चिकित्सा मंत्री के बयान से गरमाई सियासत, गहलोत ने किया तीखा पलटवार

Right to Health Act Controversy: राजस्थान में राइट टू हेल्थ एक्ट को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है।

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Feb 12, 2026
पूर्व सीएम अशोक गहलोत व मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान में राइट टू हेल्थ एक्ट को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में गुरुवार को राइट टू हेल्थ को लेकर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा चुनावी फायदे के लिए जाते जाते कांग्रेस सरकार यह बिल लाई थी। चिकित्सा मंत्री के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री का बयान न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि गरीब लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने के समान है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पर लिखा कि आज विधानसभा में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने 'राइट टू हेल्थ' पर बयान दिया कि इसकी जरूरत ही नहीं है। उनका यह बयान न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि बढ़ते मेडिकल खर्च से परेशान गरीब एवं मध्यम वर्ग के जख्मों पर नमक के समान है।

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भाजपा सरकार राइट टू हेल्थ के नियम बनाने में विफल

उन्होंने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने यूनिवर्सल हेल्थकेयर योजनाएं जैसे चिरंजीवी योजना एवं निरोगी राजस्थान योजना लागू होने के बावजूद राइट टू हेल्थ की परिकल्पना की। जिससे किसी भी कारणवश आपातकालीन स्थिति में मरीज इलाज से वंचित न रहे। भाजपा सरकार राइट टू हेल्थ के नियम बनाने में विफल रही है और अब इस तरह की बहानेबाजी कर रही है।

मेडिकल लॉबी के सामने भाजपा सरकार का सरेंडर

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेशवासी देख रहे हैं कि जहां कांग्रेस सरकार राइट टू हेल्थ देकर उन्हें महंगे इलाज के खर्च से बचाने का इरादा रखती थी। वहीं, भाजपा सरकार मेडिकल लॉबी के सामने सरेंडर कर राइट टू हेल्थ तक को गलत बता रही है।

राइट टू हेल्थ एक्ट को लेकर विधानसभा में हुआ था हंगामा

राजस्थान विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट को लेकर कांग्रेस विधायक ​हरिमोहन शर्मा ने सवाल किया था। जिसके जवाब में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र खींवसर ने कहा था कि चुनावी फायदे के लिए जाते जाते कांग्रेस सरकार यह बिल लाई थी। इसमें सबकी राय नहीं ली गई थी। आचार संहिता से ठीक पहले यह कानून लाए, इसकी जरूरत नहीं थी। इसी दौरान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने टोका तो नोकझोंक हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया।

तभी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने सवाल किया कि राइट टू हेल्थ कानून के नियम लागू करने या न करने को लेकर सरकार अपना रूख साफ करें। जिस पर मंत्री ने कहा कि मां योजना के तहत सभी तरह का फ्री इलाज मिल रहा है, इसलिए इस कानून की जरूरत ही नहीं है।

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