Ashok Gehlot Magic BJP RLP AAP workers registration at Mehngai Rahat camp : दिलचस्प परिस्थितियों को आधार माना जाए तो अब भाजपा, आरएलपी, बसपा और आप पार्टी सहित तमाम विरोधी दलों के कार्यकर्ता भी महंगाई राहत कैम्पों की चौखट तक पहुंचेंगे और 'राहत' पाने के लिए कतार में लगेंगे।
जयपुर।
राजस्थान की गहलोत सरकार के 'महंगाई राहत कैंपों' ने एक दिलचस्प स्थिति बनाकर रख दी है। दरअसल, सरकार ने प्रदेश की जनता को 10 बड़ी सरकारी योजनाओं के मार्फ़त महंगाई से राहत दिलाने का दावा किया है। साथ ही इन्हें पाने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है। ऐसे में 'राहत पाने के लिए हर नागरिक को रजिस्ट्रेशन करवाना ज़रूरी हो गया है। ऐसे में ये तय है कि महंगाई से राहत पाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए विरोधी दलों के सक्रीय नेता-कार्यकर्ता को भी रजिस्ट्रेशन करवाने राहत कैम्पों तक पहुंचना होगा।
लाइन में खड़े होंगे बीजेपी-आरएलपी-आप कार्यकर्ता!
दिलचस्प परिस्थितियों को आधार माना जाए तो अब भाजपा, आरएलपी, बसपा और आप पार्टी सहित तमाम विरोधी दलों के कार्यकर्ता भी महंगाई राहत कैम्पों की चौखट तक पहुंचेंगे और 'राहत' पाने के लिए कतार में लगेंगे। ऐसे में कहा जाए कि विरोधी दलों के प्रदेश भर में सक्रीय लाखों की संख्या में कार्यकर्ता इन कैम्पों में पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाएंगे।
पसोपेश में, बयान देते नहीं बन रहा
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन ने विरोधी खेमे के नेताओं-कार्यकर्ताओं को अजीब से पसोपेश में डाल दिया है। इन पार्टियों से जुड़े नेताओं को इस सिलसिले में बयान देते नहीं बन रहा। कुछ नेताओं से संपर्क करने पर यही सामने आया कि पार्टी लाइन में रहकर महंगाई राहत कैंप की कमियों-खामियों को उजागर करने का काम किया जाएगा, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन भी करवाना ज़रूरी रहेगा।
बहिष्कार नहीं, सिर्फ बयानों में विरोध
महंगाई राहत केंद्रों को लेकर सियासी पारा गर्माया हुआ है। महंगाई से निजात दिलाने की राज्य सरकार की इस कवायद का विरोधी खेमा फेल करार दे रहा है। साथ ही जमकर आलोचना भी की जा रही है। लेकिन दिलचस्प बात यही है कि अब इन्हीं दलों के नेता-कार्यकर्ताओं को सरकार द्वारा निर्देशित अनिवार्य रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
महंगाई राहत कैंप पर सियासत, किसने क्या कहा?
- ''राहत कैंपों की शुरुआत को राजस्थान में महंगाई से मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक है। रिकॉर्डतोड़ महंगाई ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है और बढ़ती महंगाई से लोग मुश्किल में हैं। लेकिन इन महंगाई राहत कैंपों से अब प्रदेश के हर घर को बचत-राहत-बढ़त मिलेगी।'' गोविंद सिंह डोटासरा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष
- ''वर्ष 2018 में कांग्रेस के घोषणा पत्र में महंगाई से राहत की बात कही गई थी, पर कुछ नहीं किया गया। अब जब सरकार का वक्त चंद दिनों का बचा है तब ये ढोंग कर रहे हैं।'' - सीपी जोशी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
- ''महंगाई राहत कैंप गहलोत सरकार का दिखावा है। जब सारे डाटा सरकार के पास उपलब्ध तो कैंप लगाकर लोगों को तंग क्यों किया जा रहा है?'' - हनुमान बेनीवाल, राष्ट्रीय संयोजक, आरएलपी