
Rajasthan Politics : भरतपुर नगर निगम मेयर चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह ने नामांकन वापस ले लिया। अब भाजपा की अनुराधा सिंह के निर्विरोध मेयर निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने कहा कि यह राजस्थान के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय स्थिति है। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि डेगाना, कुचेरा में अनैतिक तरीके से भाजपा का चेयरमैन के प्रयास चल रहे हैं। कल भरतपुर में निर्दलीय मेयर प्रत्याशी के प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने धमकाया और आज स्वयं गृहराज्य मंत्री ने पहुंचकर प्रत्याशी का नामांकन वापस करवा दिया।
अशोक गहलोत लिखा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री के गृह जिले में सरकार के मंत्री जाकर लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। भरतपुर की जनता ने भाजपा को नकार दिया था। वहां 65 में से 20 ही पार्षद जीत पाए थे। इसके बावजूद सरकार और पूरा प्रशासन मिलकर अलोकतांत्रिक तरीके से भाजपा का मेयर बना रहे हैं। भाजपा राजस्थान में सरकार के दुरुपयोग की नई परंपरा डाल रही है। यह राजस्थान के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय स्थिति है।
भरतपुर में विचित्रा सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। उनके कांग्रेस के समर्थन में होने का भी दावा किया गया था। ऐसे में उनके मैदान में रहने से मेयर चुनाव में मुकाबला होने की स्थिति बन रही थी। हालांकि, गुरुवार को अचानक नामांकन वापस लेने के बाद चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए।
जानकारी के अनुसार, नामांकन वापसी से पहले गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। इसके बाद ही नामांकन वापसी की प्रक्रिया हुई। इसके बाद गृह राज्यमंत्री ने विचित्रा सिंह के पति और भरतपुर के पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट से मिले और चुनाव को लेकर चर्चा की।
नामांकन वापस लेने के बाद विचित्रा सिंह ने कहा कि वे भरतपुर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहती हैं और इसी सोच के साथ यह फैसला लिया है। उनके नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा प्रत्याशी अनुराधा सिंह मेयर पद की एकमात्र दावेदार रह गई हैं। इस घटनाक्रम के बाद भरतपुर नगर निगम मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनुराधा सिंह का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय हो गया है।