जयपुर

आशुतोष रांका ने अपने घर के बाहर का साझा किया वीडियो, बोले- ‘पुलिस निगरानी कर रही’

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर आशुतोष रांका लगातार आवाज उठा रहे हैं। अब उन्होंने अपने घर के बाहर का वीडियो साझा कर राजस्थान पुलिस पर निगरानी रखने का आरोप लगाया है। रांका ने कहा कि पुलिस चाहे तो उन्हें सीधे गिरफ्तार कर सकती है।
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Aug 25, 2026
ashutosh ranka
Ashutosh Ranka: घर के बाहर खड़ी पुलिस और आशुतोष रांका( फोटो-एएनआई))

जयपुर। राजस्थान में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे आशुतोष रांका ने अपने घर के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो के साथ उन्होंने राजस्थान पुलिस पर निगरानी रखने का आरोप लगाया। आशुतोष रांका ने लिखा कि पिछले दो घंटे से राजस्थान पुलिस उनके घर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रख रही है।

उन्होंने कहा, 'अगर राजस्थान पुलिस चाहे तो आकर मुझे सीधे गिरफ्तार कर सकती है। लेकिन मैं और मेरी टीम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक राजस्थान के सभी स्कूल ठीक नहीं हो जाते।' उनके इस पोस्ट पर यूजर्स लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग सीजेपी के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम की याद दिला रहे हैं, तो कुछ लोग पुलिस और सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।

स्कूल निरीक्षण के बाद से बढ़ा बवाल

आशुतोष रांका लगातार राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठा रहे हैं। हाल के दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सामने आई स्कूलों से जुड़ी घटनाओं को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए हैं। पिछले दिनों जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में सीजेपी की टीम स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों और सीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी। इस दौरान उन्होंने सरकार को 48 घंटे में कार्रवाई नहीं करने पर शिक्षा मंत्री के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी थी।

वहीं, जोधपुर में सीजेपी के एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा युवा मोर्चा और एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। इस दौरान भी एक सीजेपी कार्यकर्ता के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी।

डूंगरपुर में जर्जर कमरे की छत गिरी

डूंगरपुर के दोवड़ा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत सत्तु देवकी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी हाल ही में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल में रोजाना की तरह कक्षाएं संचालित हो रही थीं और करीब 120 बच्चे अपने-अपने कमरों में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान स्कूल परिसर में लंबे समय से बंद पड़े एक जर्जर कमरे की छत अचानक तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर गई।

छत गिरने की आवाज सुनते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षक और विद्यार्थी घबराकर अपने कमरों से बाहर निकल आए। जिस कमरे की छत गिरी, वह करीब एक साल से जर्जर हालत में था। स्कूल प्रशासन ने इसे पहले ही असुरक्षित घोषित कर रखा था और उसमें बच्चों की कक्षाएं लगाना बंद कर दिया गया था। यही वजह रही कि हादसे में किसी बच्चे या शिक्षक को चोट नहीं आई। इसको लेकर भी आशुतोष रांका ने सरकार को घेरा है।

कोटा में बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर भी उठाए सवाल

वहीं, कोटा में मिड-डे-मील खाने के बाद 31 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना को लेकर भी आशुतोष रांका ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जितने कांड और दुर्घटनाएं मदन दिलावर के कार्यकाल में राजस्थान शिक्षा विभाग ने देखी हैं, उतना आजादी के बाद से देश के किसी भी राज्य ने नहीं देखा होगा। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया।

आशुतोष रांका ने कहा कि देशभर के बच्चों और शिक्षकों को अपने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में बेहतर सुविधाओं एवं बेहतर पढ़ाई के लिए आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी हर लड़ाई में सीजेपी मजबूती से साथ खड़ी होगी।

Updated on:
25 Aug 2026 06:07 pm
Published on:
25 Aug 2026 06:07 pm