राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ पर, भजनलाल सरकार ने प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को 'सुपरफास्ट' ट्रैक पर लाने का मास्टरप्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के बीच हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब राजस्थान का आकाश नए और आधुनिक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों से गुलजार होगा।
राजस्थान की 'डबल इंजन' सरकार ने मरूधरा के भविष्य को नई उड़ान देने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू की शनिवार को जयपुर में हुई हाई-प्रोफाइल बैठक में राजस्थान के चार प्रमुख शहरों— डीग-कुम्हेर, सिरोही, सीकर और भिवाड़ी में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट (Greenfield Airports) की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने उन क्षेत्रों को हवाई मानचित्र पर लाने का फैसला किया है जो पर्यटन और व्यापार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार की कार्ययोजना प्रदेश के हर कोने को सुगम एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बैठक में जोर देते हुए कहा कि राजस्थान के विशाल भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए धार्मिक, शिक्षण और वाणिज्यिक केंद्रों पर सुगम पहुंच के लिए नए घरेलू एयरपोर्ट अनिवार्य हैं।
वहीं, केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने राजस्थान को एक 'स्वतंत्र नागरिक उड्डयन निदेशालय' के गठन का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र बॉडी होने से प्रदेश में हवाई सेवाओं का संचालन, नियंत्रण और विस्तार बहुत तेजी से हो सकेगा।
यह बैठक केंद्र और राज्य के बीच बेहतरीन समन्वय का प्रतीक है। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विपिन कुमार और नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन जैसे दिग्गज अधिकारी भी मौजूद रहे। इस साझा प्रयास का उद्देश्य राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 'हवाई रफ्तार' देना है।