
जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच आयाराम-गयाराम का सिलसिला जारी है। भाजपा छोड़कर बुधवार को राजपूत नेता मानवेंद्र सिंह ने कांग्रेस का और जाट नेता रामपाल ने आप का दामन थाम लिया।
दोनों के कदम ने राजस्थान की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। आयाराम-गयाराम के मामले आगे आने वाले दिनों में राजस्थान में अभी और भी देखने को मिलेंगे। इससे पहले भी प्रदेश में कई दिग्गज इधर से उधर जा चुके हैं। इनमें प्रमुख नाम किरोड़ी लाल मीणा का है।
किरोड़ी लाल मीणा ने राजपा का भाजपा में विलय कर घर वापसी की है। हाल ही में पूर्व मंत्री शैलेंद्र जोशी भी कांग्रेस में शामिल हुए हैं। शैलेन्द्र जोशी पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में गए थे और फिर भाजपा छोड़कर राजपा में शामिल हुए थे।
जोशी पिछले विधानसभा चुनाव में राजपा के टिकट पर बांदीकुई से चुनाव लड़े थे और हार गए। इससे पहले दो बार वे बांदीकुई से शैलेंद्र कांग्रेस की टिकट पर विधायक रह चुके हैं।
भाजपा के दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी ने भी भाजपा से नाता तोड़कर नई पार्टी भारत वाहिनी का चुनावी बिगुल बजा दिया है। मानवेंद्र सिंह की तरह ही पार्टी में अपनी उपेक्षा के बाद घनश्याम तिवाड़ी को ऐसा फैसला लेना पड़ा।
राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से सीएम पद की दावेदार वसुंधरा राजे ही होंगी। वहीं कांग्रेस में राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा।
बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर पूछे गए एक सवाल का अप्रत्याशित जवाब दिया। गहलोत ने कहा कि 'कौन बनेगा करोड़पति' पहले मालूम पड़ता है क्या?
जवाब सुनकर मंच पर मौजूद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट भी हंसी नहीं रोक पाए। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी और पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने अशोक गहलोत के इस जवाब पर कहा कि 'इसको बोलते हैं धोनी का हेलीकॉप्टर शॉट'।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत बाड़मेर के शिव विधानसभा से विधायक मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के अवसर पर आयोजित प्रेस सम्मेलन में बोल रहे थे।
गहलोत ने कहा कि भाजपा नेताओं की एक लंबी लिस्ट है, जो कांग्रेस में आने की इच्छा रख रहे हैं, लेकिन उन पर फैसला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ही करेंगे।