जयपुर

पहली बार बीटेक में मिलेगी ऑनर्स की डिग्री

पहली बार क्रेडिट सिस्टम लागू होगा, एक्स्ट्रा कॅरिकुलर के चार क्रेडिट मिलेंगे

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Jun 20, 2018
jaipur news
पहली बार बीटेक में मिलेगी ऑनर्स की डिग्री

जयपुर. राजस्थान टेक्नीकल यूनिवर्सिटी (आरटीयू) के बीटेक कोर्स का कॅरिकुलम इस सेशन के लिए फिर से चेंज होगा। पिछली बार भी एकेडमिक सेशन से नया कॅरिकुलम इंट्रोड्यूस किया गया था, लेकिन एआइसीटीई के मॉडल कॅरिकुलम के बाद विवि ने इसे रिवाइज करने का फैसला लिया है। बीटेक में पहली बार पूरी तरह से क्रेडिट सिस्टम लागू होगा। यह कुल 164 क्रेडिट्स का होगा। विवि अधिकारियों के अनुसार, काउंसिल ने 160 ही क्रेडिट्स सजेस्ट किए थे, लेकिन माइनर चेंज करते हुए इन्हें 164 किया है। इसमें चार क्रेडिट्स एक्सट्रा कॅरिकुलर एक्टिविटीज के जोड़े गए हैं। हर सेमेस्टर में आधा-आधा क्रेडिट बढ़ाया जाएगा। स्टूडेंट्स इसके तहत सरकार की स्कीम्स, एनससी, ब्लड डोनेशन जैसी एक्टिविटीज में हिस्सा ले सकेंगे। खास बात यह है कि थ्योरी को कम कर प्रेक्टिकल पर जोर दिया गया है। फस्र्ट ईयर में सिर्फ पांच थ्योरी सब्जेक्ट होंगे। आरटीयू के डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग प्रो. अनिल के. माथुर का कहना है कि फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग और एकेडमिक काउंसिल में पास होने के बाद कॅरिकुलम इसी सेशन से लागू कर दिया जाएगा।

पेपर का पैटर्न चेंज होगा

पहली बार क्वेश्चन पेपर का पैटर्न भी चेंज होगा। अब यह तीन सेक्शन पार्ट ए, बी और सी में आएगा। पार्ट ए में शॉर्ट आंसर25 वर्ड्स तक लिखने होंगे। पार्ट बी में 100 से 250 वर्ड्स और तीसरा पार्ट डिस्क्रिप्टिव होगा। अभी पूरा पेपर सब्जेक्टिव आता है।

मूक के जरिए प्रावधान

स्टूडेंट्स को अब बीटेक ऑनर्स की डिग्री मिल सकेगी। नए कॅरिकुलम में इसका प्रावधान किया गया है। इसके लिए स्टूडेंट्स को एआइसीटीई की ओर से तैयार ऑनलाइन मूक कोर्सेज के 20 क्रेडिट दिए जाएंगे। हालांकि यह ऑप्शनल होंगे। इन्हें पूरा करने वाले स्टूडेंट्स को ऑनर्स डिग्री दी जाएगी।

फर्स्ट ईयर से ही ट्रेनिंग

नए कॅरिकुलम में फस्र्ट ईयर से ही ट्रेनिंग रखी गई है। इसमें फस्र्ट ईयर के बाद १५ दिन, सेकंड ईयर के बाद 60 दिन और थर्ड ईयर के बाद 60 दिन की ट्रेनिंग होगी। साठ दिन की ट्रेनिंग इंडस्ट्रियल होगी। ट्रेनिंग के सात क्रेडिट होंगे। हर क्रेडिट को ५० माक्र्स दिए हैं। बीटेक का रिजल्ट सीजीपीए में आएगा।

कॉलेज के हाथ में ज्यादा मार्क्स

हर सेमेस्टर में दो बार मिड टर्म एग्जाम होंगे। इसका असेसमेंट 30 प्रतिशत होगा, जबकि फाइनल पेपर का वेटेज ७० प्रतिशत होगा। यानी अब कॉलेज 20 के बजाए 30प्रतिशत इंटरनल असेसमेंट के नंबर देंगे। इससे कॉलेज के हाथ में अब पहले से ज्यादा माक्र्स होंगे।

Published on:
20 Jun 2018 10:51 am