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सरकारी गोचर-ओरण वन क्षेत्र से तारबंदी हटवाने की मांग
जैसलमेर. जिले के भादरिया-धोलिया क्षेत्र में पिछले दिनों चिंताकारा हरिणों की मौत की लगातार घटित घटनाओं से नाराज विश्नोई समाज के विभिन्न संगठनों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन किया।इस प्रदर्शन में जिले के अलावा बाहरी जिलों से भी समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और भादरिया-धोलिया में सरकारी गोचर-ओरण भूमि पर भादरिया गो सेवा समिति की ओर से की गईतारबंदी को हटाने की मांग की।इस मौके पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि इस तारबंदी में फंस कर कईहरिण अपनी जान गंवा चुके हैं।प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
1.09 लाख बीघा जमीन की तारबंदी
विश्नोई समाज के संगठनों ने बताया कि उपरोक्त क्षेत्र में समिति की ओर से खसरा नं. 1 से 303 में कुल एक लाख 9 हजार बीघा जमीन में तारबंदी कर दी गई है।जबकि यह जमीन ओरण-गोचर भूमि है।इस तारबंदी के कारण भादरिया, धोलिया, लाठी, खेतोलाई सहित अन्य गांवों में चिंकारा हरिणों के साथ ही अन्य वन्यजीवों का जीवन खतरे में पड़ गया है।इस संबंध में सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार सरकारी जमीन पर की गई जालीदार तारबंदी से 30 से 50 हरिणों की मौत हुई है।इसके अलावा खरगोश व अन्य वन्यजीवों को भी काल का ग्रास बनना पड़ रहा है।
वन विभाग भी उदासीन
विश्नोई समाज के संगठनों ने आरोप लगाया कि उक्त क्षेत्र में वन्यजीवों की लगातार हो रही मौत के बावजूद वन विभाग उदासीन बना हुआ है।संगठनों ने विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाईकी मांग की।इसके अलावा उन्होंने वन्यजीव बहुलता वाले गांवों में आवारा श्वानों की समस्या के समाधान की मांग भी शासन-प्रशासन से की है।सामाजिक संगठनों ने घायल वन्यजीवों के उपचार के लिए लाठी रेंज में धोलिया के पास रेस्क्यू सेंटर खोलने की जरूरत जताई।मंगलवार को किए गए प्रदर्शन में विश्नोई टाइगर वन्य एवं पर्यावरण संस्था, विश्नोई टाइगर फोर्स, अखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा, श्री गुरु जम्भेश्वर वन्यजीव एवं पर्यावरण संस्था, अखिल भारतीय विश्नोई महासभा, अखिल भारतीय विश्नोई युवा संगठन आदि के प्रतिनिधि शामिल थे।
ये थे उपस्थित
धरना प्रदर्शन में गंगाराम पूनिया, ओमप्रकाश लोल, रामधन मांजू, लेखराम विश्नोई, झालाराम, अमृतलाल पैमाणी, राधेश्याम पेमाणी, पोकरराम पूनिया, गोरधनराम, हरिराम, भजनाराम खिलेरी, निम्बाराम मांजू, सुरेश गोदारा, शैतान पुनिया, कैलाश मांजू, मनीष खावा, सुनिल खीचड़ आदि उपस्थित रहे।
Updated on:
19 Jun 2018 10:02 pm
Published on:
20 Jun 2018 09:38 am
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