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निराशाजनक: स्वर्णनगरी में सीमित जल संसाधन, पर्यटन सीजन के लिए कोई स्थायी जल योजना नहीं

स्वर्णनगरी इन दिनों सैलानियों से गुलजार नजर आ रही है। न्यू ईयर के दौरान पहुंचे हजारों पर्यटकों ने शहर, सम और आसपास के डेज़र्ट कैंप्स को भर दिया है।

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स्वर्णनगरी इन दिनों सैलानियों से गुलजार नजर आ रही है। न्यू ईयर के दौरान पहुंचे हजारों पर्यटकों ने शहर, सम और आसपास के डेज़र्ट कैंप्स को भर दिया है। होटल, रिसॉर्ट और टेंटेड कैम्प्स अपनी पूरी क्षमता पर चल रहे हैं। लेकिन इस चकाचौंध के पीछे एक कड़वी सच्चाई भी सामने आई है—जैसलमेर में पर्यटन जितना बढ़ता है, पानी उतना ही दुर्लभ हो जाता है। रेगिस्तानी क्षेत्र में सीमित जल संसाधनों के बावजूद पर्यटन सीजन के लिए कोई स्थायी जल योजना नहीं होने का असर इस समय साफ दिखाई दे रहा है। स्थायी आबादी के साथ अस्थायी आबादी कई गुना बढ़ चुकी है। मांग के मुकाबले उत्पादन और आपूर्ति कमजोर साबित हो रही है। नतीजा यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं तक पर्याप्त पानी पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।

हकीकत : टैंकरों पर टिकी टूरिज्म व्यवस्था

होटल, रिसॉर्ट और डेज़र्ट कैंप्स में पानी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। लगातार शॉवर, लॉन में सिंचाई, स्वीमिंग पूल, कपड़े धुलाई और खानपान से जुड़ी गतिविधियों ने जल उपयोग को चरम पर पहुंचा दिया है। नियमित जल आपूर्ति अपर्याप्त होने के कारण होटल प्रबंधन टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। शहर से लेकर सम क्षेत्र तक निजी टैंकर दिन-रात दौड़ रहे हैं और पानी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि स्वर्णनगरी आने वाले पर्यटकों को अब पहली बार अहसास हो रहा है कि रेगिस्तान में पानी केवल सुविधा नहीं, सबसे महंगा संसाधन है।

कनेक्शन का गणित भी बढ़ा रहा दबाव

शहर में जलदाय विभाग के 11489 घरेलू कनेक्शन हैं। इसके अलावा 433 व्यवसायिक और 352 औद्योगिक कनेक्शन दर्ज हैं। नियमों के अनुसार छोटे होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायिक श्रेणी में आते हैं, जबकि बड़े होटल औद्योगिक श्रेणी में गिने जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि शहर में 5 से 6 हजार ऐसे कनेक्शन भी मौजूद हैं, जो अब तक नियमित नहीं हो पाए हैं। यही असंतुलन पीक सीजन में जल व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना रहा है।

नीतियों की कमी उजागर

हर साल दिसंबर-जनवरी में यही स्थिति बनती है। न तो होटल-रिसॉट्र्स में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को सख्ती से लागू किया गया और न ही ग्रे वाटर के पुन: उपयोग पर प्रभावी निगरानी है। सस्टेनेबल टूरिज्म के दावे जमीन पर कमजोर नजर आते हैं।

घरेलू उपभोक्ताओं को पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता

इन दिनों पानी की खपत अत्यधिक बढ़ गई है। प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को पानी उपलब्ध कराने की है। उपलब्धता के अनुसार ही व्यवसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों तक सप्लाई की जाती है। पर्यटन सीजन में अचानक बढ़ी मांग से व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है।

  • देवीलाल भील, सहायक अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जैसलमेर