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स्वर्णनगरी में ऐसा रहा साल का पहला दिन- उत्साह, सुकून और उम्मीद

नववर्ष- 2026 में पहले दिन शहर के बशिंदों ने अलग-अलग अंदाज में शुरुआत की। कुछ ने आधी रात के उत्सव में झूमते हुए स्वागत किया, कुछ ने सुबह की शीतल हवा में सुकून महसूस किया।

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नववर्ष- 2026 में पहले दिन शहर के बशिंदों ने अलग-अलग अंदाज में शुरुआत की। कुछ ने आधी रात के उत्सव में झूमते हुए स्वागत किया, कुछ ने सुबह की शीतल हवा में सुकून महसूस किया। दोपहर में अपेक्षाकृत हलचल कम रही। अपराह्न 4 बजे बाद एक बार फिर रौनक लौटी। नववर्ष का पहला दिन शहर में हर किसी के लिए अपने तरीके का अनुभव बनकर उभरा। करीब 24 घंटे में शहर ने उत्सव, सन्नाटा, सुकून और लौटती रौनक के रंग पेश किए। लोगों की प्रतिक्रियाएं भी इस पूरे दिन की कहानी का अहम हिस्सा रहीं।

रात 12:00 से 02:00 बजे: आधी रात जश्न में युवा, पर्यटक और स्थानीय बाशिंदों ने उत्साह दिखाया। आधी रात होते ही शहर के सम और दुर्ग क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया। युवा, परिवार और पर्यटक होटल परिसर और खुले मैदान में डीजे की धुनों पर झूमते नजर आए। आतिशबाजी ने आसमान को रोशन किया और मोबाइल कैमरों की फ्लैश लाइट्स ने हर पल को कैद किया।

रात 2:00 से सुबह 6:00 बजे : सुबह की ठंडी हवा और धुंधली धूप में सुकून भरी शुरुआत जैसे-जैसे घड़ी ने रात के दूसरे पहर में प्रवेश किया, शहर शांत हो गया। सड़कों पर सन्नाटा था, केवल पुलिस गश्त और हाईवे पर वाहनों की आवाजें सुनाई दीं। कुछ लोगों ने अपने घरों की बालकनी में चाय के साथ ठंडी हवा में सुकून महसूस किया। स्थानीय बुजुर्गों ने यह समय नए साल की आराधना और ध्यान के लिए चुना।

सुबह 6:00 से सुबह 9:00 बजे : दोपहर में सीमित हलचल, कुछ लोगों ने चाय पर चर्चा की। सुबह के पहले पहर में धार्मिक स्थलों में हलचल बढ़ी। सोनार दुर्ग स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर, बाबा रामदेव मंदिर और स्थानीय मंदिरों में दर्शनार्थियों की आवाजाही रही। कुछ परिवारों ने मंदिर जाने के बाद चाय की थड़ियों पर नए साल को लेकर चर्चाएं की—बीते साल की यादें, आने वाले समय की योजनाएं और शहर की उम्मीदें साझा की गईं।

दोपहर 12:00–03:00 | सर्द मौसम में दोपहर ने सुस्ती और शहर ने आराम का अहसास कराया। दोपहर के समय कई लोग घरों में रहे और परिवार के साथ भोजन किया। बाजार रोज की तरह खुले। युवाओं ने कैफे में सोशल मीडिया पर नव वर्ष की पोस्ट साझा की।

दोपहर 03:00–शाम 6:00 बजे | शाम को बाजार में सैलानियों की रौनक दिखी। सोनार दुर्ग, गड़ीसर और सम क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। देश-विदेश से आए लोग शहर की गलियों और सुंदर स्थानों में फोटो खींचते और सोशल मीडिया पर साझा करते नजर आए। शाम होते-होते बाजारों में रौनक लौट आई। कैफे और रेस्टोरेंट में युवा और परिवार एक साथ समय बिताते नजर आए।

रात 9:00–12:00 | रात के अंतिम पहर में शहर शांत और संतुलित नजर आया। लोगों ने दिनभर की गतिविधियों और नव वर्ष के जश्न के अनुभव को याद किया।