
जयपुर. बगरू विधानसभा क्षेत्र में कहीं चौपाल पर चाय की चुस्कियों के साथ चुनावी गणित बैठाया जा रहा है, तो कहीं गली के नुक्कड़ पर प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी की जीत का दावा कर रहे हैं। पोस्टर और झंडों के बीच वार्ड 59 से लेकर 72 तक के मतदाता खामोश जरूर हैं, लेकिन उसके सवाल साफ हैं। सड़क, सीवर, ट्रैफिक परेशानी दूर चाहिए, सफाई और ऐसी स्ट्रीट लाइट की भी मांग है, जो रात के अंधेरे को दूर करे। कांग्रेस और भाजपा ने इन 14 वार्डों में आमने-सामने चेहरे उतारे हैं। कहीं एक ही समाज के प्रत्याशी आमने-सामने हैं तो कहीं व्यक्तिगत पकड़ और पार्टी की साख के बीच मुकाबला है। कहीं पुराने संपर्क और व्यक्तिगत पहचान प्रत्याशी की ताकत बनी हुई है, तो कहीं पार्टी का परंपरागत वोट बैंक भरोसे का आधार है।
सड़क: खो-नागोरियान सड़क बीते 10 वर्ष से टूटी हुई है। अन्य क्षेत्र में भी कई सड़कें टूटी हुई हैं। जलभराव से आमजन परेशान होते रहते हैं।
पानी: कई क्षेत्र अब तक बीसलपुर प्रोजेक्ट से वंचित हैं।
ट्रैफिक: जगतपुरा फाटक पर कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है।
सीवरेज: सीवर लाइन की समस्या कई बस्तियों में बड़ा सवाल बन रही है।
सफाई: घर-घर कचरा संग्रहण, खाली प्लॉटों में गंदगी और नियमित सफाई की मांग मतदाताओं की प्राथमिकता है।
अहम भूमिका: बगरू विधानसभा के टिकट वितरण में भाजपा से विधायक कैलाश वर्मा और कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक गंगा देवी का स्थानीय प्रभाव अहम माना जा रहा है।
| विवरण | वार्ड संख्या | मतदाता संख्या |
| कुल मतदाता | वार्ड 59 से 72 (समस्त 14 वार्ड) | 2,58,855 |
| सर्वाधिक मतदाता | वार्ड-62 | 25,134 |
| सबसे कम मतदाता | वार्ड-63 | 12,584 |
हर चुनाव में सड़क, नाली और सीवरेज के वादे होते हैं, लेकिन जब बारिश आती है, तो असली तस्वीर सामने आ जाती है। कई जगह पानी भरने से आवाजाही मुश्किल हो जाती है। पार्षद ऐसा चाहिए, जो सिर्फ वोट मांगने नहीं, बल्कि समस्या का समाधान कराने के लिए हमारे बीच आए। — विकास वर्मा, जगतपुरा निवासी
क्षेत्र की कई सड़कें टूटी हैं, नालियां कई जगह जाम रहती हैं और बारिश में पानी घरों के सामने जमा हो जाता है। हमें ऐसा पार्षद चाहिए, जो वार्ड की छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी अधिकारियों के चक्कर लगाए और काम करवाए। — रामबाबू महावर, गोनेर रोड