जयपुर

जयपुर नगर निगम चुनाव: बगरू में होगा रोचक मुकाबला, कहीं व्यक्तिगत पकड़ तो कहीं पार्टी की साख, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

Jaipur Nagar Nigam Election: बगरू के वार्ड 59 से 72 तक चुनावी मुकाबला रोचक होने वाला है। । कहीं जातीय समीकरण तो कहीं प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ जीत-हार का गणित बदल सकती है। पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट...
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Sep 08, 2026
congress bjp competition in bagru
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रवि शंकर शर्मा

जयपुर. बगरू विधानसभा क्षेत्र में कहीं चौपाल पर चाय की चुस्कियों के साथ चुनावी गणित बैठाया जा रहा है, तो कहीं गली के नुक्कड़ पर प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी की जीत का दावा कर रहे हैं। पोस्टर और झंडों के बीच वार्ड 59 से लेकर 72 तक के मतदाता खामोश जरूर हैं, लेकिन उसके सवाल साफ हैं। सड़क, सीवर, ट्रैफिक परेशानी दूर चाहिए, सफाई और ऐसी स्ट्रीट लाइट की भी मांग है, जो रात के अंधेरे को दूर करे। कांग्रेस और भाजपा ने इन 14 वार्डों में आमने-सामने चेहरे उतारे हैं। कहीं एक ही समाज के प्रत्याशी आमने-सामने हैं तो कहीं व्यक्तिगत पकड़ और पार्टी की साख के बीच मुकाबला है। कहीं पुराने संपर्क और व्यक्तिगत पहचान प्रत्याशी की ताकत बनी हुई है, तो कहीं पार्टी का परंपरागत वोट बैंक भरोसे का आधार है।

चुनावी मुद्दे

सड़क: खो-नागोरियान सड़क बीते 10 वर्ष से टूटी हुई है। अन्य क्षेत्र में भी कई सड़कें टूटी हुई हैं। जलभराव से आमजन परेशान होते रहते हैं।

पानी: कई क्षेत्र अब तक बीसलपुर प्रोजेक्ट से वंचित हैं।

ट्रैफिक: जगतपुरा फाटक पर कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है।

सीवरेज: सीवर लाइन की समस्या कई बस्तियों में बड़ा सवाल बन रही है।

सफाई: घर-घर कचरा संग्रहण, खाली प्लॉटों में गंदगी और नियमित सफाई की मांग मतदाताओं की प्राथमिकता है।

अहम भूमिका: बगरू विधानसभा के टिकट वितरण में भाजपा से विधायक कैलाश वर्मा और कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक गंगा देवी का स्थानीय प्रभाव अहम माना जा रहा है।

विवरणवार्ड संख्यामतदाता संख्या
कुल मतदातावार्ड 59 से 72 (समस्त 14 वार्ड)2,58,855
सर्वाधिक मतदातावार्ड-6225,134
सबसे कम मतदातावार्ड-6312,584

रोचक होगी टक्कर

  • 71: कांग्रेस से फैज हसन और भाजपा से निशा गौड़ आमने-सामने हैं। क्षेत्र में बड़ा मुस्लिम वोट बैंक होने से कांग्रेस प्रत्याशी को मजबूत आधार की उम्मीद है। वहीं भाजपा प्रत्याशी के सामने पार्टी के परंपरागत वोटों को एकजुट रखने और गैर-मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन के साथ मुकाबला अपने पक्ष में करने की चुनौती है।
  • 67: कांग्रेस की योगिता शर्मा और भाजपा के अरुण शर्मा आमने-सामने हैं। दोनों पार्टियों ने एक जाति ही के उम्मीदवार उतारे। समाज के पदाधिकारी खुद की समाज के साथ अन्य समाज के पदाधिकारियों से तालमेल बैठा रहे हैं ।
  • 62: कांग्रेस से हजारीलाल शर्मा और भाजपा से रामावतार शर्मा के बीच सीधा मुकाबला है। समाज के ज्यादा से ज्यादा वोट अपने पक्ष में लेने के लिए ताकत झोंक रहे हैं ।
  • 65: मुकाबला दिलचस्प है। कांग्रेस से मुकेश कुमार, जबकि भाजपा से मुकेश कुमार राणा मैदान हैं। नाम की समानता के बीच मतदाताओं के लिए पार्टी और प्रत्याशी की पहचान दोनों अहम है।

वार्डवार मुकाबला

  • 59: कांग्रेस से दुर्गा देवी और भाजपा की बबली वर्मा आमने-सामने हैं। स्थानीय मुद्दों के साथ व्यक्तिगत संपर्क पर जोर है।
  • 60: कांग्रेस के रामफूल मीणा और भाजपा से गिरिराज प्रसाद मीणा के बीच कड़ा मुकाबला है।
  • 61: कांग्रेस से सुरेश मीणा और भाजपा से रामलाल मीणा आमने-सामने हैं। वार्ड में पकड़ के बूते मुकाबले को अपने पक्ष में करने की कोशिश है।
  • 63: कांग्रेस से प्रभुलाल बैरवा और भाजपा से अजय टेपण आमने-सामने हैं।
  • 64: कांग्रेस से कैलाश मीणा और भाजपा से सुरेश मीणा के बीच टक्कर है।
  • 66: कांग्रेस के महेश कराडिया और भाजपा के नारायण लाल नैनावत के बीच मुकाबला है।
  • 68: कांग्रेस से गीता मीणा और भाजपा से मौसमी मीणा आमने-सामने हैं। दोनों प्रत्याशी महिला वोटरों के साथ समाज और स्थानीय स्तर के समीकरण साधने में जुटी हैं।
  • 69: कांग्रेस से बीना देवी और भाजपा से पूनम चोयल मैदान में हैं।
  • 70: कांग्रेस से उर्मिला शर्मा और भाजपा से सुशीला देवी के बीच मुकाबला है।
  • 72: कांग्रेस की सुमन और भाजपा की गट्टू के बीच सीधा मुकाबला है।

पार्षद ऐसा हो जो समस्या का करे समाधान

हर चुनाव में सड़क, नाली और सीवरेज के वादे होते हैं, लेकिन जब बारिश आती है, तो असली तस्वीर सामने आ जाती है। कई जगह पानी भरने से आवाजाही मुश्किल हो जाती है। पार्षद ऐसा चाहिए, जो सिर्फ वोट मांगने नहीं, बल्कि समस्या का समाधान कराने के लिए हमारे बीच आए। — विकास वर्मा, जगतपुरा निवासी


क्षेत्र की कई सड़कें टूटी हैं, नालियां कई जगह जाम रहती हैं और बारिश में पानी घरों के सामने जमा हो जाता है। हमें ऐसा पार्षद चाहिए, जो वार्ड की छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी अधिकारियों के चक्कर लगाए और काम करवाए। — रामबाबू महावर, गोनेर रोड