जयपुर

Rajasthan: मंदिर गई NEET छात्रा ने दी जान, कई दिनों से अवसाद में थी, सचिन पायलट ने उठाए गंभीर सवाल

जयपुर के बगरू क्षेत्र में नीट परीक्षा दे चुकी 23 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के बीच कुएं में कूदकर जान दे दी। घटना के बाद परीक्षा के दबाव और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मामले पर गहरा दुख जताते हुए परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार से गंभीर सवाल उठाए।
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Jul 05, 2026
Jaipur NEET Student
नीट छात्रा कनिका जैन (फाइल फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजधानी जयपुर के बगरू थाना क्षेत्र में नीट परीक्षा देने वाली एक 23 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर अवसाद के चलते कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतका की पहचान ठीकरिया निवासी कनिका जैन पुत्री कर्पूरचंद जैन के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थी तथा उसका उपचार भी चल रहा था। इस घटना के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार निशाना साधा है।

पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह कनिका अपने पिता के साथ फगोड़ियावाला स्थित जैन मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंची थी। पूजा के बाद जब उसके पिता बाहर आए तो कनिका वहां नहीं मिली। काफी तलाश के बाद मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई, जिसमें वह मंदिर के पास स्थित कुएं की ओर जाती दिखाई दी। कुएं के पास उसकी चप्पलें मिलने पर अंदर देखा गया तो उसका शव दिखाई दिया। फुटेज में यह भी सामने आया कि छात्रा ने कुएं पर लगे लोहे के जाल और ढक्कन को हटाकर उसमें छलांग लगा दी थी।

परिजनों ने मानसिक तनाव की दी जानकारी

सूचना पर बगरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से शव को बाहर निकलवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार कनिका ने हाल ही में नीट की परीक्षा दी थी। वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी और उसका उपचार भी चल रहा था।

सचिन पायलट ने किए तीखे सवाल

घटना के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रा की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा और पेपर लीक जैसे मामलों ने देशभर के विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। पायलट ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं पर केंद्र सरकार की चुप्पी चिंताजनक है और छात्रों के साथ न्याय होना चाहिए।

निर्मल चौधरी ने भी उठाया मुद्दा

वहीं, छात्र नेता निर्मल चौधरी ने भी इस घटना को बेहद हृदयविदारक बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों पर बढ़ता मानसिक दबाव गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह घटना परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील तंत्र विकसित करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है।