5 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर में अनूठा ब्लड डोनेशन मीटअप, ‘ट्रेवलर्स’ ने निभाई इंसानियत- डोनेट किया 43 यूनिट ब्लड

Jaipur के Central Park में Blood Donation Meetup आयोजित किया। 4 घंटे के इस Campaign में 43 Units ब्लड कलेक्ट हुआ और युवाओं ने मानवता की मिसाल पेश की।
2 min read
Google source verification
Jaipur Central Park Blood Donation Meetup Backpackers Group Collects 43 Units

Jaipur Central Park Blood Donation Meetup

घूमने-फिरने का शौक रखने वाले युवाओं ने रविवार को इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसमें सफर केवल मंजिलों तक नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की जिंदगी तक पहुंचा। सेंट्रल पार्क में आयोजित ब्लड डोनेशन मीटअप में बड़ी संख्या में युवाओं और विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चार घंटे तक चले इस अभियान में 43 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।

गेट नंबर चार के पास सुबह 7 बजे शुरू हुआ रक्तदान अभियान 11 बजे तक जारी रहा। इस दौरान रक्तदान के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी मानकों और अन्य चिकित्सकीय कारणों से 33 इच्छुक लोगों का रक्तदान नहीं हो सका। इसके बावजूद प्रतिभागियों का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने भविष्य में भी रक्तदान के लिए आगे आने का संकल्प लिया।

ब्लड डोनेशन मीटअप के आयोजनकर्ता बैकपैकर्स एंड ट्रैवलर्स इंडिया (बाटी) जयपुर के समन्वयक महेश पारीक ने बताया कि संगठन का उद्देश्य केवल यात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। इसी सोच के साथ आयोजित इस दूसरे ब्लड डोनेशन मीटअप में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। रक्तदान करने वालों में हर आयु वर्ग के लोग शामिल रहे, हालांकि युवाओं की संख्या सबसे अधिक रही।

रक्तदान के बाद प्रतिभागियों ने पार्क में एक-दूसरे से परिचय किया, अपने यात्रा अनुभव साझा किए और नए लोगों से जुड़ने का अवसर भी मिला। आयोजन का उद्देश्य 'सोशलाइजिंग विद अ कॉज' की भावना को मजबूत करना था, ताकि समान रुचि रखने वाले लोग समाजसेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा सके। रक्तदान के माध्यम से किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने का संदेश ही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा।