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जयपुर में मानसून की पहली बारिश: टोंक रोड पर धंसी सड़क, SMS ट्रॉमा सेंटर में भरा पानी

Rain in Jaipur: राजधानी जयपुर में मानसून की पहली बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में ड्रेनेज पाइप फटने से ग्राउंड फ्लोर, ईसीजी रूम और माइनर ओटी में पानी भर गया। वहीं, टोंक रोड पर सड़क धंसने से करीब 20 फीट का गड्ढा बन गया।
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जयपुर

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Arvind Rao

Jul 03, 2026

Jaipur Monsoon Rain Road Collapse

एपेक्स मॉल के सामने टोंक रोड पर सड़क धंसी (फोटो: अनुग्रह सोलोमन)

Jaipur Monsoon Rain Road Collapse: गुलाबी नगरी में मानसून की शुरुआती बारिश ने ही प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। मामूली सी बरसात में जहां जयपुर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली टोंक रोड बीचों-बीच से धंस गई। वहीं, प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जलभराव के चलते मरीजों की जान आफत में आ गई। अभी मानसून की शुरुआत है और आगामी ढाई-तीन महीनों की संभावनाओं को देखते हुए जनता और प्रशासन दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

बता दें कि जयपुर शहर के व्यस्ततम इलाके एपेक्स मॉल के सामने गांधी नगर तिराहे के पास टोंक रोड पर सड़क धंसने से करीब 20 फीट चौड़ा और गहरा गड्ढा हो गया। गड्ढे के आसपास की मिट्टी अंदर ही अंदर खोखली हो चुकी है, जिससे सड़क के और अधिक धंसने का खतरा बना हुआ है।

मुख्य मार्ग पर हुए इस गड्ढे के बाद टोंक रोड पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर रूट डायवर्ट किया और राहगीरों व वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्ग इस्तेमाल करने की अपील की।

SMS ट्रॉमा सेंटर में बदइंतजामी

पीडब्ल्यूडी विंग के खराब मैनेजमेंट का खामियाजा एक बार फिर सवाई मानसिंह अस्पताल में आए गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ा। गुरुवार देर रात करीब 1 से 3 बजे के बीच हुई बारिश के दौरान ट्रॉमा सेंटर का एक पुराना ड्रेनेज पाइप फट गया, जिससे ग्राउंड फ्लोर में पानी भर गया। मुख्य इमरजेंसी हॉल के पास स्थित ईसीजी रूम, मुख्य कॉरिडोर और माइनर ओटी में पानी टपकने और भरने के कारण मरीजों का उपचार रोकना पड़ा। माइनर ओटी के मरीजों को आनन-फानन में दूसरी जगह शिफ्ट कर प्राथमिक उपचार दिया गया।

भरभराकर गिरी सीलिंग

डक्टिंग के रास्ते पानी का रिसाव इतना तेज था कि माइनर ओटी और प्लास्टर रूम के पास वाले कॉरिडोर की फॉल सीलिंग टूटकर नीचे गिर गई। गनीमत रही कि उस वक्त वहां मरीजों की आवाजाही नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फर्श पर पानी और गंदगी जमा होने से अस्पताल परिसर में इंफेक्शन फैलने का डर सता रहा है। गंभीर रूप से घायल मरीज इस अव्यवस्था और गंदगी के बीच ही इलाज कराने को मजबूर हैं।

पहले भी अस्पताल में भरा था पानी

यह पहली बार नहीं है, जब एसएमएस अस्पताल की यह दुर्दशा हुई हो। पिछले साल भी भारी बारिश के बाद आईसीयू वार्ड और ऑपरेशन थिएटर समेत कई हिस्से जलमग्न हो गए थे। तब सरकार और चिकित्सा विभाग ने बजट जारी कर व्यवस्थाएं सुधारने के कड़े निर्देश दिए थे, लेकिन धरातल पर PWD विंग का काम ढाक के तीन पात ही साबित हुआ।

अस्पताल में पानी भरने की सूचना मिलते ही ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेंद्र मांडिया, उपाधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी और अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। नोडल ऑफिसर डॉ. मांडिया ने बताया, पुराना ड्रेनेज पाइप फटने की वजह से ईसीजी रूम और आसपास पानी भरा है। PWD विंग को तुरंत पाइपलाइन दुरुस्त करने और सफाई व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दे दिए गए हैं।