
Rain spell active in northeastern Rajasthan, patrika photo
Monsoon Update Rajasthan: राजस्थान में दक्षिण पश्चिमी मानसून ने सप्ताहभर देर से प्रवेश कर लिया है। वहीं अगले 48 घंटे में 13 शहरों में कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पूर्वोत्तर इलाकों में मानसून ट्रफलाइन सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवा के असर से 3 और 4 जुलाई को पूर्वोत्तर के 13 शहरों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।
हालांकि 5 जुलाई से आगामी सप्ताहभर बारिश का दौर कमजोर रहने की भी आशंका है। प्रदेश में अगस्त माह में मानसून के दूसरे चरण में भी इस बार झमाझम बारिश होने की उम्मीद कमजोर है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो सितंबर माह में विदाई से पहले प्रदेश में मानसूनी मेघ मेहरबान हो सकते हैं।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 3 और 4 जुलाई को बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ डूंगरपुर, उदयपुर, सिरोही, जालोर, बारां, कोटा, टोंक,चूरू सरदारशहर, अलवर और भरतपुर में कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है। जुलाई को कुछ इलाकों में छिटपुट बौछारें गिरने की संभावना है। वहीं 5 जुलाई से सप्ताहभर तक अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।
मौसम विज्ञानियों की मानें तो जयपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में 3 और 4 जुलाई को बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। वहीं अगले सप्ताह 6 से 12 जुलाई के मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहने की आशंका है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 13 से 15 जुलाई तक फिर से बारिश का दौर सक्रिय होने की उम्मीद है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने वायुदाब क्षेत्र के असर से प्रदेश तक पहुंच रही नमीयुक्त हवा की रफ्तार फिलहाल धीमी है। जिसके असर से नमी बढ़ने से झमाझम बारिश हुई है। आगामी दिनों में प्रदेश में यदि हवा की रफ्तार बढ़ी तो बारिश का दौर धीमा पड़ने कही आशंका है।
मौसम विभाग के सूत्रों की मानें तो राजस्थान में इस वर्ष जुलाई और अगस्त माह में अच्छे मानसून सीजन की उम्मीद बेहद कमजोर रहने के संकेत हैं। फिलहाल अच्छी बारिश को लेकर मौसम तंत्र भी अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनने से अब तक सक्रिय नहीं हुए हैं। सितंबर माह में प्रदेश से दक्षिण पश्चिमी मानसून की विदाई शुरू होती है। ऐसे में अभी तक की स्थिति के आकलन के अनुसार सितंबर माह में विदाई से पहले मानसूनी मेघ प्रदेश में मेहरबान होने की संभावना है।
दक्षिण पश्चिम मानसून राजस्थान में मानसून सामान्यतः 25 जून को प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री दो जुलाई को हुई। पिछले 27 वर्षों में जुलाई माह में मानसून का यह 8वीं बार प्रवेश है। इससे पहले वर्ष 2019 में मानसून ने 2 जुलाई को प्रवेश किया था। गुरुवार सुबह दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में झालावाड़ जिले की ओर से प्रवेश करते ही मानसून ने पूर्वी राजस्थान के 12 जिलों को कवर कर लिया। राजधानी जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा सहित कई पूर्वी जिलों में झमाझम बारिश हुई। मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है।
Updated on:
03 Jul 2026 01:55 pm
Published on:
03 Jul 2026 01:16 pm
