जयपुर

‘किसी को जबरन घुसने का हक नहीं’ CJP नेताओं के हमले के बाद BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य का बयान, जानें और क्या बोले?

Swami Balmukund Acharya on CJP : जयपुर में CJP टीम के स्कूल निरीक्षण को लेकर हुए विवाद पर भाजपा विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि CJP नेताओं का बहिष्कार ग्रामीणों का अपना फैसला था।
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Aug 21, 2026
Swami Balmukund Acharya on CJP
Swami Balmukund Acharya on CJP (फाइल फोटो पत्रिका)

जयपुर। सांगानेर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम के निरीक्षण के दौरान मचे बवाल को लेकर हवामहल सीट से भाजपा विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य का बयान सामने आया है। बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि यह ग्रामीणों का अपना फैसला था और भाजपा शासन में प्रदेश के स्कूलों की स्थिति में सुधार आया है।

ग्रामीणों ने किया बहिष्कार

सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और विरोध के बाबत पूछे जाने पर स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि मुझे जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार गांव के लोगों ने खुद सीजेपी नेताओं का बहिष्कार किया है और उन्हें अपने इलाके में प्रवेश करने से साफ मना कर दिया। इसलिए यह पूरी तरह से ग्रामीणों और उनके गांव का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि पहले की तुलना में अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों की हालत में बहुत बड़ा और सकारात्मक सुधार आया है। जब से राजस्थान में भाजपा की सरकार आई है, सभी विधानसभा क्षेत्रों में बेहतरीन काम हुआ है, जिनमें स्कूलों के नए भवनों का निर्माण कार्य भी प्रमुखता से शामिल है।

कमी मिलने पर तुरंत शुरू कराया जाता है निर्माण कार्य

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि सब कुछ एकदम सही है, लेकिन सुधार बहुत तेजी से हुआ है। अगर किसी क्षेत्र में किसी विशेष कारण से स्कूल भवन का निर्माण कार्य अटका हुआ या रुका हुआ है, तो जैसे ही मामला हमारे संज्ञान में लाया जाता है, तुरंत प्रभाव से काम शुरू करवा दिया जाता है।

क्या बोले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर?

वहीं इस मामले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान के सभी निवासियों से कहना चाहता हूं कि हमारे बच्चे इन सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और वे बेहतरीन शिक्षा के हकदार हैं। राजस्थान सरकार गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। इस पूरी प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। हमें अपने स्कूलों की रक्षा करनी होगी ताकि बच्चों को कोई शारीरिक नुकसान न पहुंचे, कोई क्षति न हो और वे पूरी तरह सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि गांव वालों ने अपने स्कूल की सुरक्षा की है और इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। यदि किसी को किसी उचित और जायज कारण से स्कूल जाना है, तो उन्हें संस्था प्रधान से अनुमति लेनी चाहिए। संस्था प्रधान को जो उचित लगेगा, वे उन्हें दिखा देंगे।

Updated on:
21 Aug 2026 06:13 pm
Published on:
21 Aug 2026 04:50 pm