जयपुर

Pachpadra Refinery : पचपदरा रिफाइनरी से राजस्थान को सालाना ₹4,000 करोड़ का मिलेगा राजस्व, 10 हजार को रोजगार

Pachpadra Refinery : राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन 21 अप्रेल को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। इस रिफाइनरी के शुरू होने से केंद्र और राज्य सरकार को लगभग 21 हजार करोड़ रुपए की वार्षिक आय होने का अनुमान है, जिसमें राजस्थान को करीब 4 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही वैट से अतिरिक्त आय भी होगी।

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फाइल फोटो पत्रिका

Pachpadra Refinery : केंद्र सरकार ने राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी की बढ़ी हुई लागत और निवेश को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 79,459 करोड़ रुपए की इस परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। रिफाइनरी का उद्घाटन 21 अप्रेल को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। इसके शुरू होने से केंद्र और राज्य सरकार को लगभग 21 हजार करोड़ रुपए की वार्षिक आय होने का अनुमान है, जिसमें राजस्थान को करीब 4 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही वैट से अतिरिक्त आय भी होगी।

रिफाइनरी से मिलने वाले कच्चे माल के आधार पर विभिन्न उद्योगों की स्थापना से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि परियोजना लागत को 43,129 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपए किया गया है।

देश की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक

भारत 258 एमएमटीपीए क्षमता के साथ दुनिया का चौथी सबसे बड़ी रिफाइनर है। पचपदरा रिफाइनरी की क्षमता 9 एमएमटीपीए है और इसका उत्पादन जुलाई 2026 से शुरू होगा। निर्माण के दौरान लगभग एक लाख रोजगार बने, जबकि संचालन में 10 हजार प्रत्यक्ष व कई अप्रत्यक्ष अवसर मिलेंगे। यह सबसे बड़ा पॉलीएथलीन संयंत्र है, जिसकी पेट्रोकेमिकल इंटेंसिटी 26% और नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी 17 है।

अरब देशों से आएगा क्रूड ऑयल

रिफाइनरी में सालाना 9 मिलियन टन क्रूड ऑयल उपयोग होगा, जिसमें 1.5 मिलियन टन राज्य से और 7.5 मिलियन टन अरब देशों से आएगा। यह तेल समुद्री मार्ग से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा, जहां टर्मिनल टैंक तैयार हैं। वहां से 485 किमी लंबी इलेक्ट्रिक हीटेड पाइपलाइन के जरिए क्रूड ऑयल निर्धारित तापमान में पचपदरा रिफाइनरी तक पहुंचाया जाएगा।

यों समझें रिफाइनरी लागत

1- लागत - 79459 करोड़
2- एचपीसीएल (26 फीसदी) - 19600 करोड़
3- राजस्थान सरकार (74 फीसदी) - 6886 करोड़
4- ब्याज मुक्त ऋण - 52973 करोड़
(प्रारम्भिक 15 वर्षों के लिए प्रति वर्ष 1123 करोड़ रुपए का ऋण, जिसे अगले 15 वर्षों में
यानी 16वें वर्ष से आगे वार्षिक किस्तों में चुकाया जाएगा)

इतना होगा उत्पादन

26 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल उत्पादन स्लेट।
1 एमएमटीपीए पेट्रोल।
4 एमएमटीपीए डीजल।
1 एमएमटीपीए पॉलीप्रोपलीन।
0.5 एमएमटीपीए एलएलपीडीई (लिनियर लॉ डेन्सिटी पॉलिएथलीन)।
0.5 एमएमटीपीए एचडीपीई (हाई डेन्सिटी पॉलिएथलीन)।
0.4 एममएमटीपीए बेंजीन, टोल्यूइन, ब्यूटाडाइन।

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Published on:
09 Apr 2026 07:20 am
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