Garh Ganesh Ropeway: गढ़ गणेश रोपवे के लिए केवल नींव रखी गई है, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण आगे नहीं बढ़ पाया है।
Garh Ganesh Ropeway: जयपुर। राजस्थान में जहां बिना सूंड वाले गणेश जी विराजमान हैं, वहां मात्र 3 मिनट में पहुंचने के लिए बेताब श्रद्धालुओं को अभी और इंतजार करना होगा। जी हां, गढ़ गणेश रोपवे के निर्माण पर रोक अभी जारी रहेगी। राजस्थान हाईकोर्ट ने गढ़ गणेश मंदिर तक बन रहे रोपवे के निर्माण पर यथास्थिति का आदेश दिया है। अब तक रोपवे के लिए केवल नींव रखी गई है, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण आगे नहीं बढ़ पाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर जिला कलक्टर और मंदिर श्री गढ़ गणेश जी ट्रस्ट से जवाब भी मांगा है। न्यायाधीश अनिल उपमन ने दामोदर रोपवेज एंड इंफ्रा लिमिटेड की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया। अधिवक्ता संजय झंवर ने बताया कि याचिकाकर्ता के आवेदन को दरकिनार कर कलक्टर ने ट्रस्ट को रोपवे निर्माण की अनुमति दी थी। लेकिन, कोर्ट ने हाल ही में आदेश जारी कर इसके निर्माण पर रोक जारी रखने के आदेश दिए है।
बता दें कि जयपुर में ब्रह्मपुरी स्थित नाहरगढ़ की पहाड़ी पर देश के एकमात्र बिना सूंड वाले बालरूपी भगवान गणेशजी विराजमान है। यहां ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेश जी मंदिर से लेकर गढ़ गणेश मंदिर के बाहर तक 350 मीटर की दूरी का रोपवे निर्माण किया जा रहा है, जो पिछले साल अक्टूबर में ही शुरू हुआ था। यहां नौ करोड़ रुपए की लागत से सबसे बड़ा आटोमैटिक रोप वे बनाया जाना है। रोपवे का निर्माण दो साल में पूरा होना था, लेकिन कोर्ट की रोक के बाद रोपवे निर्माण में देरी संभव है।