जयपुर

ब्लू पॉटरी और ज्वैलरी और चमकेगी, रोजगार बढ़ेगा

कोरोनाकाल में आर्थिक सहायता पैकेज मिलने के बादगुलाबीनगरी के घरेलु उद्वोगो में आएगी जान

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May 14, 2020

जयपुर। प्रधानमंत्री की ओर से घोषित आर्थिक सहायता पैकेज से घरेलु उद्वौगों में जान आएगी। इससे उतपादन से लेकर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जयपुर की बात करें तो गुलाबीनगरी की पहचान ब्लू पॉटरी और ज्वैलरी उद्वोग से है। ऐसे में कोरोनाकाल में आर्थिक सहायता पैकेज इनके लिए फायदेमंद साबित होगा। इससे दोनों उद्वोग और चमकेंगें। फिलहाल की स्थिति की बात करें तो कोरोनाकाल चलते पिछले दो महीने से जयपुर में कई उद्वोग बंद हैं। साबुन, आटा, पशु आहार सहित कई उद्योगों पर असर पड़ा है। वहीं, श्रमिकों के पलायन कर जाने के कारण इन उद्वौगों में असर पड़ा है।

ज्वैलरी मार्केट: रोज 10 करोड़ का करोबार
राजधानी का ज्वैलरी मार्केट विश्व भर में प्रसिद्ध है। जयपुर में मैन्यूफैक्चरिंग का काम बड़े स्तर पर होता है। सीतापुरा सहित शहर के बाहरी इलाकों में ज्वैलरी कारोबारियों ने फैक्ट्रियां लगा रखी हैं। कुं दन के आभूषण का जयपुर हब है। विश्व के कई देशों में जयपुर के बने सोने और कुंदन के आभूषणों की मांग रहती है। राजधानी में कई व्यापारी ऐसे हैं, जो एक बार ही एक डिजायन बनाते हैं। जयपुर में प्रतिदिन १० करोड़ रुपए का कारोबार होता है।

ब्लू पॉटरी : बढ़ेगी चमक, मिलेगा काम
राजधानी में ब्लू पॉटरी का काम भी बड़े स्तर पर होता है। हालांकि अब यह सीमित रह गया है। विदेशी सैलानियों को ब्लू पॉटरी खूब पसंद आती है। खुर्जा की चीनी-मिट्टी के बर्तनों के आगे ब्लू पॉटरी की चमक अब फीकी होने लगी है, क्योंकि सरकार ब्लू पॉटरी पर ध्यान नहीं दे रही है। इससे जुड़े कारीगरों का कहना है कि ब्लू पॉटरी का पूरा काम हाथों से ही होता है। ऐसे में पैकेज मिलने के बाद कारीगर काम पर लौटेंगे और फिर ब्लू पॉलरी में चमक देखने को मिलेगी।


-गणगौर: आटा, बेसन से लेकर मेदा तक राजस्थान भर में प्रसिद्ध है।
-ओसवाल: साबुन से पहचान बनाई और अब रसोई मसाले भी बनाने शुरू किए हैं।
-टेलीफोन: तिली का तेल भी स्थानीय स्तर पर काफी प्रसिद्ध है।
—पशुआहार : जयपुर में 50 से अधिक उद्योग संचालित हैं। प्रदेश के अलावा यूपी, हरियाणा, पंजाब तक सप्लाई की जाती है।
-सांगानेरी प्रिंट
-मूर्तियां विश्व

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प्रधानमंत्री का आर्थिक पैकेज घरेलु उद्योगों को बढ़ावा देगा। जयपुर में पशु आहार का उत्पादन सर्वाधिक होता है। लॉक डाउन से उत्पादन के साथ खरीद भी बंद हो गई। राजस्थान के साथ पांच राज्यों में सप्लाई बंद हो गई। अब उम्मीद है व्यवस्था पटरी पर आएगी।
प्रदीप जैन, उद्यमी पशु आहार


राजधानी के ज्वैलरी मार्केट की अलग पहचान है। विश्व के कई देशों में जयपुर की बनी ज्वैलरी पसंद की जाती है। विदेशों में होने वाले ज्वैलरी शो में रौनक भी जयपुर की ज्वैलरी ही लेकर आती है।
-कैलाश मित्तल, अध्यक्ष, सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी

Updated on:
14 May 2020 08:10 pm
Published on:
14 May 2020 08:06 pm
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