प्रदेश में सरकार बदलने के साथ पूर्ववर्ती सरकार की कई योजनाओं को अघोषित रूप से बंद कर दिया गया है या फिर पूर्ववर्ती राजे सरकार की योजनाओं को फिर से शुरू किया गया है। यही नहीं जिन तीन नए जिलों की विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की थी, उनकी प्रक्रिया को भी रोका गया है।
प्रदेश में सरकार बदलने के साथ पूर्ववर्ती सरकार की कई योजनाओं को अघोषित रूप से बंद कर दिया गया है या फिर पूर्ववर्ती राजे सरकार की योजनाओं को फिर से शुरू किया गया है। यही नहीं जिन तीन नए जिलों की विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की थी, उनकी प्रक्रिया को भी रोका गया है।
गहलोत सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्मार्ट फोन योजना शुरू की थी, मगर फिलहाल यह योजना बंद कर दी गई है। सरकार का कहना है कि योजना पर जल्द निर्णय किया जाएगा। योजना के तहत 24 लाख 56 हजार महिलाओं को स्मार्टफोन मय इंटरनेट डेटा दिया गया। था। इस पर कुल 670.08 रोड़ रुपए खर्च किए गए। वित्तीय वर्ष 2023-24 की बजट घोषणा की पालना में स्मार्टफोन वितरण कार्य को आचार संहिता के कारण बंद कर दिया गया था। विगत सरकार द्वारा प्रथम चरण में 40 लाख महिलाओं को स्मार्टफोन दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था। बजट घोषणा 2022-23 में लगभग एक करोड़ तैंतीस लाख चिरंजीवी परिवारों की महिला मुखियाओं को स्मार्टफोन दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए 1600 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया। उक्त घोषणा को संशोधित कर बजट 2023-24 की घोषणा में 40 लाख लाभांवितों को स्मार्टफोन दिए जाने का लक्ष्य रखा गया। नौ अक्टूबर, 2023 तक महिलाओं को स्मार्टफोन का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता
पूर्ववर्ती सरकार ने 3500 रुपए बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा था। मगर वर्तमान सरकार ने इस भत्ते को बंद करने की बजाय 2007 में पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के समय शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है। इस योजना में वर्तमान में 1 लाख 86 हजार 656 आशार्थियों को भत्ता दिया जा रहा है। जिसमें पुरूष आशार्थी को 4000 एवं महिला, निःश्क्तजन एवं ट्रांसजेण्डर आशार्थियों को 4500 रुपए प्रतिमाह भत्ता दिया जा रहा है।
तीन नए जिलों पर ब्रेक
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 6 अक्टूबर, 2023 को मालपुरा, सुजानगढ़ व कुचामनसिटी को नवीन जिला बनाने की घोषणा की थी। मंत्रिमण्डल ने इसे सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी। साथ ही इन जिलों का क्षेत्राधिकार निर्धारण के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (जिला गठन) को निर्देशित किया गया। लेकिन समिति की अनुशंषा प्राप्त नहीं होने से राजस्व विभाग द्वारा घोषित जिलों के संबंध में अधिसूचना जारी नहीं की गई है। प्रशासनिक सुधार विभाग के 17 दिसंबर, 2023 के पत्र के निर्देशानुसार उच्च स्तरीय समिति को समाप्त किया जा चुका है। ऐसे में फिलहाल इन जिलों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।