
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से ताल्लुक रखने वाले सेवानिवृत्त प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों (IAS, IPS, IRS व राज्य सेवा) के साथ एक विशेष संवाद किया। सीएम हाउस में आयोजित इस बैठक के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसकी काफी चर्चा हो रही है कि आखिर मुख्यमंत्री ने इन अनुभवी अधिकारियों से 'अलग से' बातचीत क्यों की? दरअसल, राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के तहत ज़मीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रशासनिक अनुभव का लाभ उठाना चाहती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नीतियां बनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण उनका सही क्रियान्वयन है और रिटायर्ड अफसरों की व्यावहारिक समझ इसमें मील का पत्थर साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व अधिकारियों से कहा कि भले ही वे सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों और संस्थागत ज्ञान के जरिए उन्हें युवा पीढ़ी और समाज का मार्गदर्शन करते रहना चाहिए।
सीएम ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की सोच और सामाजिक न्याय का सिद्धांत ही राज्य सरकार की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं की आत्मा है।
बैठक में मौजूद पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों (जैसे ललित के. पंवार, रवि प्रकाश मेहरड़ा आदि) ने SC-ST वर्ग पर होने वाले अत्याचार के मामलों में त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई के लिए सरकार की तारीफ की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉस्टल और आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों का मासिक मेस भत्ता 2,500 से बढ़ाकर 3,250 रुपये और स्पोर्ट्स एकेडमी के छात्रों के लिए इसे 2,600 से बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति उत्तर-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 4.25 लाख और अनुसूचित जनजाति वर्ग के 4.30 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए 887 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और पोषण के लिए संचालित मां-बाड़ी केंद्रों के मानदेय में लगातार दो वर्षों से 10-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही 250 नए केंद्र खोलने के आदेश दिए गए हैं।
Rajasthan CM ने कहा कि 10,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में जहां SC-ST वर्ग की बहुलता है, वहां सड़कों, पेयजल और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों के लिए बारां जिले में 14,636 पात्र परिवारों को पक्के मकान की सुविधा दी गई है।
'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' और 'पंच गौरव' योजनाओं से ग्रामीण स्तर पर रोजगार पैदा करने और राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट व यमुना जल समझौते के जरिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करने पर काम जारी है।
मुख्यमंत्री के इस संवाद कार्यक्रम में पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. ललित के. पंवार, पूर्व आईपीएस रवि प्रकाश मेहरड़ा, जे.पी. चंदेलिया, ओम प्रकाश बैरवा और अनिल गोठवाल सहित कई पूर्व आईएएस, आईपीएस और आईआरएस अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वे अपने प्रशासनिक अनुभव का उपयोग राज्य में सामाजिक समरसता और विकास योजनाओं के फीडबैक के लिए करते रहेंगे।