जयपुर

राजस्थान में महिला आरक्षण रहेगा या नहीं… ? बेरोजगार युवाओं के विरोध पर क्या है भजनलाल सरकार की राय

Rajasthan Women Reservation Update: राजस्थान में भजनलाल सरकार की ओर से महिलाओं को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती में आरक्षण की सीमा बढ़ाने के बाद बेरोजगार युवा लगातार विरोध कर रहे है। जिस पर राज्य सरकार ने अपनी राय स्पष्ट कर दी है।

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Jul 01, 2024

राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं को बड़ी सौगात दी। भजनलाल सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में महिलाओं को आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 50 प्रतिशत और पुलिस भर्ती में 33 प्रतिशत करने की घोषणा की। जिसे लेकर प्रदेश के बेरोजगार नेता लगातार विरोध जता रहे है। उनका कहना है कि हम महिलाओं के खिलाफ नहीं, लेकिन आरक्षण बंटवारे की इस व्यवस्था के खिलाफ है।

सरकार ने महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया तो पुरुष वर्ग के हजारों युवाओं ने विरोध शुरू कर दिया। जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर सहित कई जिलों में विरोध प्रदर्शन होने लगे। राजधानी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर राजस्थान युवा शक्ति एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष मनोज मीणा के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने मनोज मीणा को हिरासत में ले लिया गया था। हालांकि 6 घंटे बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।

भजनलाल सरकार ने बेरोजगार के विरोध के बाद स्पष्ट किया कि सरकार यह निर्णय महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी कदम है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से प्रदेश में महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेगे और वे आत्मनिर्भर होकर और सशक्त बन सकेंगी। इससे लगता है कि सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेगी।

बेरोजगार युवा कर रहे फैसले का विरोध

बेरोजगार युवा एकीकृत महासंघ के बैनर तले जमा हुए युवाओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के फैसले का विरोध जताया। युवाओं का कहना है कि अगर सरकार वाकई संवेदनशील है तो मंत्रिमंडल में महिलाओं को पर्याप्त हिस्सेदारी दे। प्रदेश में सिर्फ एक कैबिनेट मंत्री महिला है और सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाना चाहती है, यह सिर्फ ढोंग है। वहीं कई युवाओं का तर्क था कि महिलाएं भी अब हर तरह की शिक्षा हासिल कर पा रही हैं। ऐसे में उन्हें आरक्षण देना, लड़कों के लिए मौके कम करेगा।

भ्रांतियों की वजह से युवा कर रहे विरोध- शिक्षामंत्री

बेरोजगार युवाओं के विरोध को देखते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया था कि महिलाओं को दिए जा रहे आरक्षण से प्रदेश के किसी भी युवा को नुकसान नहीं होने देंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि महिलाओं को दिए गए आरक्षण पर कुछ लोग भ्रांतियां फैला रहे हैं। जिसकी वजह से कुछ युवा विरोध कर रहे हैं।

'छोटे बच्चे महिला शिक्षक के साथ अच्छा महसूस करेंगे'

शिक्षामंत्री दिलावर ने कहा कि तृतीय श्रेणी में 50 फीसदी का आरक्षण केवल लेवल वन में दिया गया है। अर्थात् जो शिक्षक पहली कक्षा से लेकर पांचवीं कक्षा तक बच्चों को पढ़ाते हैं। उन शिक्षकों की भर्ती में 50 आरक्षण महिलाओं आरक्षण दिए जाने का प्रावधान किया गया है। चूंकि प्राइमरी और प्री प्राइमरी के छोटे-छोटे बच्चे जब महिला शिक्षक से पढ़ेंगे तो वे पुरुष शिक्षक के ज्यादा अच्छा महसूस करेंगे। महिलाएं घरों में भी बच्चों की पूरी जिम्मेदारी संभालती है।

L1 के बाद पुलिस भर्ती में भी बढ़ाया आरक्षण

हालांकि इसके बाद भजनलाल सरकार ने पुलिस भर्ती में भी महिला आरक्षण 30 से बढ़ाकर 33 फीसदी कर दिया था। राजस्थान में महिला सशक्तीकरण की दिशा में इसे बड़ा फैसला बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से प्रदेश में महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेगे और वे आत्मनिर्भर होकर और सशक्त बन सकेंगी।

महिलाओं ने सीएम का जताया आभार

जब से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया। तब से महिलाओं में खुशी है। दर्जनों महिला संगठन और जनप्रतिनिधि जयपुर आकर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

'बेटियों के साथ बेटों को भी अवसर देगी सरकार'- सीएम

शिक्षक अधिवेशन में शामिल हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने पुरुष वर्ग के युवाओं से कहा कि उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार हर महीने वैकेंसी निकालेगी। जैसे-जैसे अलग-अलग विभागों में लगे कर्मचारी और अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे। वैसे-वैसे वैकेंसी निकाल कर रिक्त पदों को भरा जाएगा।

साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीएम आवास पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर कहा था कि बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी आगे बढ़ने के पूरे अवसर राज्य सरकार देगी।

Published on:
01 Jul 2024 02:27 pm
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