Bharat Bandh Update: राजस्थान में भारत बंद शांतिपूर्ण रहा। कहीं-कहीं छिटपुट घटनाएं देखने को मिली।
राजस्थान में बुधवार को भारत बंद शान्तिपूर्वक रहा। जोधपुर ग्रामीण व बीकानेर के बज्जू में विवाद की दो घटनाएं हुई हैं। यह बंद अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाल ही दिए फैसले के विरोध में एससी-एसटी वर्ग के भारत बंद एलान के तहत किया गया था। जोधपुर में भीड़ ने ठेला उलट दिया, जिससे ठेला संचालक पर गर्म तेल गिरने से वह झुलस गया। बंद के दौरान रेल सेवाएं जारी रही, जबकि बसों का आवागमन नहीं रहा। दोपहर बाद जहां बाजार खुले वहीं अन्य गतिविधियां भी सामान्य रूप से शुरू हो गई।
भारत बंद के दौरान बुधवार सुबह सभी प्रमुख बाजार में व्यापारिक प्रतिष्ठान नहीं खुले। बंद के समर्थन में लगभग सभी शहरों में पैदल व वाहनों की रैली निकाली गई। दुकानें व अन्य प्रतिष्ठान बंद रहने से टकराव की स्थिति नहीं बनी। प्रदेश में करीब 25 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
जोधपुर की शेरगढ़ तहसील के सोमेसर गांव में बंद समर्थकों ने एक पकौड़े का ठेला उलट दिया। कढ़ाही में रखा खौलता तेल विक्रेता पर गिर गया। इससे पकौड़ी विक्रेता राकेश जैन घायल हो गया। उसके शरीर का निचला हिस्सा झुलसने पर जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना के बाद बंद समर्थक मौके से भाग गए। ग्रामीण व दुकानदार मौके पर पहुंचे और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर मौके पर ही धरना दिया। पुलिस प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब ग्रामीणों ने शाम 5 बजे बाद प्रदर्शन खत्म किया। पीड़ित परिवार ने मामला दर्ज कराया हैं।
बीकानेर के बज्जू में बंद के आह्वान पर निकाली गई रैली में शामिल लोगों ने एक व्यापारी के साथ मारपीट की। भारत बंद आंदोलन के चलते बुधवार दोपहर एक बजे कृषि मंडी से रैली शुरू हुई, जो जम्भेश्वर मंदिर के पास पहुंची। इस दौरान एक दुकानदार के साथ रैली में शामिल लोगों ने मारपीट की। इसके बाद मामला गरमा गया और दोनों पक्षों में झड़प शुरू हो गई। परिवादी अशोक कुमार की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस महानिदेशक यू आर साहू का कहना है कि बंद को देखते हुए दस बारह दिन से थाना, पुलिस अधीक्षक व कमिश्नर व रेंज स्तर पर विभिन्न व्यापारी संगठन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, सामाजिक संगठन और बंद करवाने वाले विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार वार्ता की गई थी। बंद के दौरान दो तीन जगह छिटपुट घटनाए हुई, लेकिन प्रकरण दर्ज नहीं हुए। जो घटनाएं हुई और उनकी कोई रिपोर्ट मिलती है तो विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।