कर्जमाफी में एनपीए हुए अल्पकालीन फसली ऋण माफ होने के बाद अब प्रदेश के भूमि विकास बैंकों ने अल्पकालीन फसली ऋण पर रोक लगा दी है।
जयपुर। कर्जमाफी में एनपीए हुए अल्पकालीन फसली ऋण माफ होने के बाद अब प्रदेश के भूमि विकास बैंकों ने अल्पकालीन फसली ऋण पर रोक लगा दी है। इस ऋण के लिए किसानों को सहकारी समितियों के पास जाने के लिए कह दिया गया है। बैंक अब इसे किसान हित में लिया गया निर्णय बता रहा है।
राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक ने 29 अप्रेल को यह आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि जिन किसानों ने प्राथमिक भूमि विकास बैंकों से अल्पकालीन फसली ऋण ले रखा था, उनकी पात्रता के अनुसार वर्ष 2018 व 2019 की कर्जमाफी में ऋण माफ हो गए। भूमि विकास बैंक से देय ऋण में राज्य व केंद्र सरकार ब्याज अनुदान नहीं देती। ऐसे में अधिक ब्याज दर लागू होती है। पत्र में लिखा है कि अधिक ब्याज दर लागू होने की स्थिति में किसानों को फसली ऋण नहीं दिए जाएं।
उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों से देय ऋण में केंद्र व राज्य सरकार 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान देती है। सहकारी भूमि विकास बैंकों के लिए यह अनुदान नहीं दिया जाता। ऐसे में राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक ने अल्पकालीन फसली ऋण नहीं देने का आदेश जारी कर दिया। बैंक ने माना है कि किसान को ऋण चाहिए तो वह ग्राम सेवा सहकारी समिति से लेगा। भूमि विकास बैंक की तरह पहले जयपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक ने भी ऋण नहीं लेने का आदेश जारी किया था। हालांकि राज्य सहकारी बैंक के एमडी ने नया आदेश जारी कर ऋण वितरण जारी रखने का दावा किया था।
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