जयपुर

खेल कोटे से नौकरी पाने का ‘खेल’, फर्जीवाड़ा ऐसा कि खुलासे से मचा हड़कंप

Sports Quota : भर्तियों में खेल कोटे से नौकरी पाने में भी बड़ा खेल चल रहा है। खिलाड़ियों को मिलने वाले दो फीसदी आरक्षण का फायदा ऐसे खेलों से भी उठाने का प्रयास किया जा रहा है, जो इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) से संबद्ध नहीं हैं।
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Jun 09, 2023
sport policy in rajasthan

विजय शर्मा. Sports Quota : भर्तियों में खेल कोटे से नौकरी पाने में भी बड़ा खेल चल रहा है। खिलाड़ियों को मिलने वाले दो फीसदी आरक्षण का फायदा ऐसे खेलों से भी उठाने का प्रयास किया जा रहा है, जो इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) से संबद्ध नहीं हैं। राज्य सरकार की ओर से बनी खेल नीति में चूक से हर भर्ती में यह फर्जीवाड़ा देखने को मिल रहा है। भर्तियों में अभ्यर्थियों ने ऐसे नॉन ओलंपिक खेलों के सर्टिफिकेट लगाए हैं, जिनके नाम तक नहीं सुने।

सर्वाधिक खेल प्रमाण पत्र इन्हीं खेलों से आने के बाद चयन बोर्ड ने खेल पॉलिसी पर ही सवाल खड़े कर दिए। बोर्ड ने इस संबंध में कार्मिक विभाग को पत्र लिख कहा कि नॉन ओलंपिक खेलों में प्रमाण पत्र और मेडल प्राप्त करने में फर्जीवाड़ा हो रहा है। बोर्ड ने कुछ प्रावधानों पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है।

यों उठा रहे फायदा
ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को राजकीय सेवा में फायदा पहुंचाने के लिए खेल पॉलिसी तैयार की गई। 21 नवंबर 2019 में पॉलिसी में कुछ संशोधन किए गए। इसके बाद एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटी (एआईयू) और स्टूडेंट गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के खेलों को भी शामिल किया गया। इन संस्थाओं के सिर्फ ओलंपिक खेल ही मान्य थे, लेकिन पॉलिसी में इसका जिक्र नहीं किया। इसका फायदा उठाकर संस्थाओं के नॉन ओलंपिक खेल भी भर्तियों में शामिल होने लगे। इसका नुकसान सीधे तौर पर असली खिलाड़ियों को हो रहा है।

जयपुर का ये हाल
राजधानी जयपुर की बात करें तो अकेले एसएमएस स्टेडियम में ही दो से ढाई हजार युवा ओलंपिक खेलों की तैयारी में जुटे रहते हैं। शहर की कई स्पोर्ट्स एकेडमियों में हजारों छात्र खेल में भाग्य आजमाने उतरते हैं। लेकिन जब खेल कोटे से नौकरी का नम्बर आता है तो दौड़ में पीछे रह जाते हैं।

प्रमाण पत्र की जांच करवाई थी
शिक्षक भर्ती 2021 में नॉन ओलंपिक खेलों के प्रमाण पत्रों से अभ्यर्थियों ने खेल कोटे से नौकरी चाही। लेकिन शिक्षा निदेशालय ने इन खेलों के प्रमाण पत्रों की विशेष जांच करवाई और नियुक्ति नहीं दी। हाल ही शिक्षक भर्ती से पहले भी टूर्नामेंट कराकर इन खेलों के मेडल-सर्टिफिकेट बांटे गए। अब चयन बोर्ड ने आपत्ति कर दी।

हमने कार्मिक विभाग को पत्र लिखा है। भर्तियों में नॉन ओलंपिक खेलों के प्रमाण पत्र आ रहे हैं। पॉलिसी में पुनर्विचार की जरूरत है ताकि इन पर रोक लगाई जा सके।
हरिप्रसाद शर्मा, चेयरमैन, चयन बोर्ड

एक्सपर्ट
नॉन ओलंपिक के एक ही खेल में सौ से अधिक मेडल बांटे जाते हैं। ये इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध नहीं हैं। इनसे सिर्फ सरकारी नौकरियों में खेल आरक्षण में लिया जाता है। नॉन ओलंपिक गेम शामिल होने से योग्य खिलाड़़ी पीछे रह जाते हैं। पॉलिसी में संशोधन करके नॉन ओलंपिक खेलों को रोका जाना चाहिए।
अरुण कुमार सारस्वत, सचिव, राजस्थान ओलंपिक संघ एवं अध्यक्ष राजस्थान हॉकी

Updated on:
09 Jun 2023 11:34 am
Published on:
09 Jun 2023 11:34 am