जयपुर

राजस्थान से बड़ी खबर, स्कूल प्रशासन ने रंग लाने से छात्रों को किया मना तो हो गया विवाद, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कही ये बात…

जयपुर के एक निजी मिशनरी स्कूल द्वारा होली के दौरान रंग और गुलाल लाने पर प्रतिबंध लगाने और छात्रों को परीक्षा से वंचित करने की चेतावनी देने पर विवाद खड़ा हो गया है।
2 min read
Mar 11, 2025
madan dilawar
शिक्षामंत्री मदन दिलावर। फोटो: पत्रिका

जयपुर। जयपुर के एक निजी मिशनरी स्कूल द्वारा होली के दौरान रंग और गुलाल लाने पर प्रतिबंध लगाने और छात्रों को परीक्षा से वंचित करने की चेतावनी देने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस फैसले पर राजस्थान सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इसे अनुचित करार देते हुए कहा कि सरकार इस मामले को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के समक्ष ले जाएगी और उचित कार्रवाई करेगी।

स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को एक संदेश भेजा था। जिसमें कहा गया था कि होली के त्योंहार के करीब आने के साथ हम छात्रों से अनुरोध करते हैं कि वे स्कूल में रंग न लाएं। यह कदम सभी छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। यदि किसी छात्र के पास रंग पाया गया तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस नोटिस के बाद स्कूल प्रशासन के खिलाफ अभिभावकों और कई संगठनों ने आपत्ति जताई।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की और इसे भारतीय संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि होली भारत का प्रमुख त्योहार है और इसे मनाने से रोकना हमारी सांस्कृतिक पहचान पर चोट करने जैसा है। छात्रों को परीक्षा से वंचित करने की धमकी देना पूरी तरह अनुचित है। हम इस मामले को सीबीएसई में उठाएंगे और उचित कार्रवाई करेंगे। दिलावर ने कहा कि कोई भी शैक्षणिक संस्थान इस तरह के सांस्कृतिक प्रतिबंध नहीं लगा सकता। शिक्षा विभाग इस मामले की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं स्कूल के इस फैसले से अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। कई संगठनों ने भी इस पर आपत्ति जताई है और स्कूल प्रशासन के फैसले को धार्मिक भेदभाव करार दिया है। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही जांच के निर्देश दिए हैं।

Updated on:
11 Mar 2025 10:14 am
Published on:
11 Mar 2025 10:14 am