जयपुर

बीसलपुर @314.40….रिमेन 1.10 मीटर….

गुलाबीनगर की लाइफलाइन है बीसलपुर डेम डेम के छलकने का काउंट डाउन शुरू डेम छलकने से अब चंद कदम दूर

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Aug 29, 2024

जयपुर। गुलाबीनगर की लाइफ लाइन बीसलपुर डेम सातवीं बार छलकने वाला है। डेम में पानी की आवक तेजी से हो रही है और डेम अब छलकने से महज चंद कदम दूर है। डेम में पानी की आवक में सहायक त्रिवेणी में पानी का बहाव तीन मीटर पर चल रहा है और आगामी दिनों में डेम अपने उच्चतम वाटर स्टोरेज लेवल के पार जाने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि बीसलपुर डेम से जयपुर, अजमेर और टोंक जिले को रोजाना करोड़ों लीटर जलापूर्ति रोजाना होती है। डेम से रोजाना करोड़ों लीटर पानी जलापूर्ति के लिए लेने के बावजूद डेम का जलस्तर रोजाना 5 से 20 सेंटीमीटर तक बढ़ रहा है। डेम की कुल जलभराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है और डेम का जलस्तर आज सुंबह 8 बजे तक 314.40 आरएल मीटर को छू चुका है।

ऐसे में अब डेम को छलकने के लिए महज 1.10 मीटर स्तर छूने की दरकार है। त्रिवेणी में भी पानी का बहाव पिछले 24 घंटे में घटकर अब तीन मीटर के करीब आ गया है जिसके चलते डेम में पानी की आवक धीमी जरूर हुई है लेकिन फिर भी डेम में पानी की आवक बने रहने से डेम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के डेम पर तैनात अधिकारियों ने इस बार डेम छलकने को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

फैक्ट फाइल
बीसलपुर बांध परियोजना
बांध का 1985 में हुआ था शिलान्यास
1987 में बांध का शुरू हुआ निर्माण
1996 में बांध बनकर तैयार
832 करोड़ रुपए आई लागत

जल भराव क्षमता
315.50 आरएल मीटर कुल जल भराव क्षमता
38.708 टीएमसी पानी का होता है भराव
अब तक छह बार बांध ओवरफ्लो
2004 में निर्माण के बाद पहली बार गेट खुले
2006 में दूसरी बार छलका बांध
2014 में तीसरी बार खोले गए गेट
2016 में भी बांध के खुले गेट
2019 में भी बांध के खुले गेट
2022 में भी बांध के खोले गेट

  • बांध एक नजर मेंबीसलपुर डेम में कुल 18 गेट हैं जो 15.14 मीटर साइज के बनाए गए हैं।बांध की लंबाई 576 मीटर व समुद्रतल से उंचाई 322.50 मीटर है।बांध का जलभराव क्षेत्र 25 किमी है जिसमें से कुल 21 हजार 30 हैक्टेयर भूमि जलमग्न रहती है।बीसलपुर बांध से टोंक जिले में सिंचाई के लिए दायीं व बायीं दो मुख्य नहरों का निर्माण वर्ष 2004 में पूर्ण हुआ था।दायीं नहर की लंबाई 51 व बायीं नहर की लंबाई 18.65 किमी है। जिनसे टोंक जिले की 81 हजार 800 हैक्टेयर भूमि सिंचित होती है।दायीं मुख्य नहर से 69 हजार 393 हैक्टेयर व बायीं से 12 हजार 407 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई कार्य होता है।अभी बांध का गेज 314.40 आरएल मीटर है जिसमें 30.980 टीएमसी पानी स्टोरेज है जो कुल जलभराव का क्षमता का 80.05 फीसदी है।
Updated on:
29 Aug 2024 11:12 am
Published on:
29 Aug 2024 11:09 am
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