भारत की T20 World Cup में शानदार जीत की गूँज Rajasthan Assembly के भीतर भी सुनाई दी। शून्यकाल के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस जीत का श्रेय लेने को लेकर जो 'मजेदार' नोकझोंक हुई।
भारत की T-20 विश्व कप विजय का खुमार राजस्थान विधानसभा के गलियारों में भी सिर चढ़कर बोल रहा है। सोमवार को शून्यकाल के दौरान सदन की कार्यवाही उस समय रोचक मोड़ पर आ गई, जब टीम इंडिया की जीत को लेकर भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता आपस में भिड़ गए। जहाँ सत्तापक्ष ने इस जीत का कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नाम पर बने स्टेडियम से जोड़ा, वहीं विपक्ष ने इसे खिलाड़ियों की मेहनत बताकर तंज कसा।
चर्चा की शुरुआत तब हुई जब भजनलाल सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए जीत का श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर और नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा, "हमने वर्ल्ड कप जीतने के साथ कई वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किए हैं। यह सब 'नरेंद्र मोदी स्टेडियम' में संभव हुआ है। अब विपक्ष को इससे दिक्कत है, लेकिन सच्चाई यही है। अब इस स्टेडियम का नाम हम 'टीकाराम जूली स्टेडियम' तो रख नहीं सकते।"
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि अहमदाबाद के स्टेडियम का नाम शुभ है, जिससे भारत को जीत मिली।
मंत्री के इस सीधे कटाक्ष पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी चुप नहीं रहे। उन्होंने तुरंत खड़े होकर क्रिकेट और राजनीति के तड़के के साथ पलटवार किया। जूली ने मुस्कराते हुए कहा, "हमारी टीम इंडिया को बहुत-बहुत बधाई, लेकिन सच तो यह है कि टीम इंडिया इसलिए जीत गई क्योंकि इस बार फाइनल मैच देखने मोदीजी खुद नहीं गए थे। हमने देखा है कि मोदीजी जब-जब स्टेडियम में मैच देखने गए हैं, हमारी टीम को हार का सामना करना पड़ा है। यह खिलाड़ियों के पसीने की जीत है।"
आमतौर पर सदन में नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है, लेकिन क्रिकेट के इस टॉपिक पर हुई चर्चा ने माहौल को हल्का कर दिया। सत्तापक्ष और विपक्ष के कई विधायक इस दिलचस्प संवाद के दौरान ठहाके लगाते नजर आए।
जैसे ही सदन के भीतर हुई इस मजेदार बहस के वीडियो बाहर आए, राजस्थान के सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। 'नरेंद्र मोदी स्टेडियम' बनाम 'टीकाराम जूली स्टेडियम' का यह जुबानी मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।