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PM Kusum Yojana: राजस्थान में यहां लगा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, आम लोगों को भी फायदा

PM Kusum Yojana Rajasthan: ढेकला गांव में 4.9 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू होने से किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब दिन में ही निर्बाध बिजली मिलने से सिंचाई आसान होगी और किसानों को रात में इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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PM Kusum Yojana Rajasthan

ढेकला गांव स्थित सोलर प्लांट। फोटो- पत्रिका

गठवाड़ी। जयपुर विद्युत वितरण निगम ने पीएम कुसुम योजना के तहत ताला जीएसएस से जुड़े ढेकला गांव में 4.9 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर प्रदेश में एक नई उपलब्धि दर्ज की है। इसे राजस्थान का अब तक का सबसे अधिक क्षमता वाला सौर संयंत्र बताया जा रहा है। यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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दिन में मिलेगी निर्बाध बिजली

कुण्डा की ढाणी सहायक अभियंता नरेन्द्र सिंह धाकड़ ने बताया कि इस सौर संयंत्र से ताला जीएसएस से जुड़े 909 किसानों को फसल सिंचाई के लिए दिन में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा 3056 घरेलू उपभोक्ताओं को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस प्रकार कुल 3965 उपभोक्ताओं को बुधवार से नियमित बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संयंत्र को जीएसएस की लाइन से जोड़ने का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है और सभी तकनीकी परीक्षण भी सफल रहे हैं।

व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया

मंगलवार को जमवारामगढ़ के अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा और एम एंड पी अधीक्षण अभियंता आरके पालीवाल सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, सुरक्षा मानकों और बिजली आपूर्ति की तैयारियों का जायजा लिया।

करीब 50 बीघा भूमि पर पहाड़ी की तलहटी में स्थापित यह सौर संयंत्र क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इस परियोजना के शुरू होने से किसानों को अब रात के समय या सर्द मौसम में सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। दिन के समय बिजली मिलने से खेती कार्य अधिक सुगम होगा और उत्पादन में भी वृद्धि की संभावना है। साथ ही यह पहल स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगी।

गौरतलब है कि कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पिछले एक माह के भीतर 14 मेगावॉट क्षमता के 8 सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों से जिले के करीब 1110 किसान दिन के समय अपने खेतों में विभिन्न फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे उन्हें रात में बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ता और खेती की लागत व समय दोनों में बचत हो रही है।