
किसान की प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका
Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को कृषि विभाग की 46 अरब 87 करोड़ 36 लाख 77 हजार रुपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी गईं। चर्चा का जवाब देते हुए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की वर्तमान सरकार पूरी तरह किसानों को समर्पित है और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि खेती.किसानी के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचार लागू किए जा रहे हैं, जिनके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने भारत.अमेरिका ट्रेड डील को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर भी पूरी तरह से स्थिति साफ की। उनका कहना था कि देश के किसान पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सरकार उनके हितों पर किसी तरह का कोई कुठाराघात नहीं करने वाली। उन्होंने साफ किया कि गेहूं, चावल, मक्का और डेयरी उत्पादों, जिनमें भारत पूरी तरह से खुद पर निर्भर है… उनके आयात की अनुमति सरकार किसी भी कीमत पर नहीं देगी। इसलिए किसान बेपवारह रहें और किसानी पर ध्यान दें। किरोड़ी लाल ने यह भी बताया कि दलहन और तिलहन के क्षेत्र में भी अब हम आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन खाद्य सुरक्षा और कीमतों के स्थिरीकरण के लिए केवल कन्ट्रोल्ड आयात ही किया जाएगा। उन्होंने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं।
पूर्व की गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए मत्री किरोड़ी लाल मीणा ने हालात स्पष्ठ किए। उन्होंने बताया कि पूर्व सरकारों ने जो भी घोटाले किए उन पर एसीबी की पूरी नजर है और उनकी जांच भी चल रही है। किरोड़ी लाल ने बताया कि राजस्थान राज्य भंडार निगम की टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हुई हैं। इन घोटालों की अब एसीबी के जरिए गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Updated on:
21 Feb 2026, 8:20 AM IST
Published on:
21 Feb 2026, 8:20 AM IST
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