
जांच करते कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा। फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Rajasthan Agriculture News: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं की सुरक्षा और उनके हक के लिए कमर कस ली है। सरकार का कहना है कि किसानों के साथ मिलावट और धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने मिलावटी बीज और खाद देने वाले दुकानदारों और नकली खाद बनाने वाली फैक्ट्रियां के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है और पिछले कुछ महीनों में 27 अवैध फैक्ट्रियों को सीज कर दिया है।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि खेती के सीजन में किसानों को सबसे ज्यादा झटका तब लगता है जब उन्हें पता चलता है कि जो खाद और बीज वे अच्छे से अच्छा मानकर लाए और उन्हें खेत में काम लिया….। वे नकली हैं, ऐसे में किसानों को बेहद परेशानी होती है। मंत्री ने कहा कि इसकी सूचना उन्हें मिली तो उन्होंने अपनी टीम के साथ बीज और खाद की दुकानों पर जांच पड़ताल शुरू की जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। मंत्री ने सदन में आंकड़े पेश करते हुए बताया कि अब तक 11,938 बार औचक निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान 765 विक्रेताओं को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस थमाया गया है। इसके अलावा 169 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि 46 के लाइसेंस पूरी तरह निरस्त कर दिए गए। साथ ही गंभीर अनियमितता मिलने पर 107 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, जिनमें अब तक 28 लोग गिरफ्तार भी हो चुके हैं।
मंत्री ने खाद और बीज बेचने वाले दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जो दुकानदार बीज के साथ अन्य सामानों की टैगिंग या जबरन दूसरा सामान बेचने जैसा काम करेंगे उनके लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि बीकानेर में बिना लेबल की दवाओं के 10 हजार बैग पकड़ना विभाग की बड़ी सफलता रही है।
नकली खाद और बीज के अलावा किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी फसल खराबे की रहती है। खराबे के बाद फसल के बीमे की राशि के लिए किसान अक्सर चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पाता या काफी देरी से होता है। कृषि मंत्री ने बताया कि बीमा का क्लेम मिलने में देरी या फ्रॉड होता है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने नई तैयारी की है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने अब बीमा प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक पात्र किसानों को 6,517 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। खास बात यह है कि इसमें पिछली सरकार के समय का बकाया 830 करोड़ रुपये भी शामिल है, जिसे वर्तमान सरकार ने जारी करवाया है। अब बैंकों ने भी अपनी टीमें गठित की हैं ताकि फर्जी क्लेम पर लगाम लग सके।
Published on:
21 Feb 2026 08:40 am
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