अपने दलों से टिकट नहीं मिला तो बसपा के बैनर पर लड़ेंगे चुनाव
फ़िरोज़ सैफ़ी, जयपुर।
प्रदेश में 6 माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस सहित कई क्षेत्रीए दल पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरने को तैयार हैं, तो वहीं नेताओं के भी एक दल से दूसरे दलों में जाने की अटकलें इन दिनों तेज हैं। इन नेताओं में ज्यादातर वे लोग हैं, जो अपने-अपने दलों की अनदेखी से नाराज हैं या फिर जिन्हें आशंका है कि इस बार उन्हें पार्टी चुनाव लड़ने का मौका नहीं देगी।
ऐसे में ये नेता दूसरे दलों से टिकट पाने की जुगत में लगे हुए हैं। चर्चा है कि अगर अपने-अपने दलों से इन नेताओं को टिकट नहीं मिला तो दूसरे दल में शामिल होकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। हालांकि ये नेता अभी खुलकर सामने नही आ रहे हैं, लेकिन दूसरे दलों के नेताओं के संपर्क में लगातार बने हुए हैं।
राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चा है कि ये नेता ऐसे दलों के संपर्क में हैं, जिनका प्रदेश में ठीक-ठाक जनाधार है। इनमें बसपा का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।
तीन दर्जन नेता बसपा के संपर्क में
बसपा से जुड़े सूत्रों की माने तो भाजपा-कांग्रेस से असंतुष्ट और अपनी उपेक्षा से आहत दोनों ही दलों के करीब तीन दर्जन से ज्यादा नेता बसपा के शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं, लेकिन टिकट मिलने की शर्त पर बसपा में शामिल होना चाहते हैं।
बताया जाता है कि इनमें कई तो विधायक रहे चुके हैं और कई विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस बार अपने-अपने दलों में टिकट नहीं मिलने की आशंका के चलते बसपा के बैनरतले चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं। अंदरखाने चर्चा इस बात की भी है कि भाजपा-कांग्रेस के असंतुष्ट नेता जल्द ही बसपा सु्प्रीमो मायावती से मुलाकात भी कर सकते हैं।
आखिरी वक्त में शामिल होने की घोषणा
जानकार सूत्र बताते हैं कि असंतुष्ट नेताओं में से एक दर्जन की बसपा में शामिल होने की एक शर्त ये भी कि वे आखिर तक अपने-अपने दलों के फैसले का इंतजार करेंगे और टिकट का जुगाड़ नहीं होने पर ही बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे।
यहां के नेता हैं संपर्क में
बसपा से जुड़े सूत्रों की माने तो शेखावाटी, भरतपुर संभाग , हाड़ौती और आदिवासी अंचल के नेता ज्यादा संपर्क में है, क्योंकि इन संभागों में बसपा का ठीक-ठाक जनाधार है, और दो तीन चुनावों से बसपा प्रत्याशी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
2008 में चुने गए थे 6 विधायक
सन 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी(बसपा) के 6 विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे और एक दर्जन प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे थे। हालांकि बाद में बसपा के सभी 6 विधायक कांग्रेस में शामिल होकर मंत्री बन गए थे। वहीं 2013 में हुए चुनाव में भी बसपा से तीन विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे।
इनका कहना है
दोनों दलों के कई नेता टिकट को लेकर हमारे संपर्क में हैं, लेकिन अभी नाम उजागर नहीं कर सकते, सही वक्त आने पर नामों की घोषणा की जाएगी।
सुमरत सिंह, प्रदेश प्रभारी बसपा