भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना का नाम और लोगो बदल दिया है। अब इसे मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के नाम से जाना जाएगा।
जयपुर। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि भाजपा सरकार ने इंदिरा गांधी शहरी गारंटी रोजगार योजना का नाम बदलकर महापाप किया है। राजस्थान में जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से अब तक योजना में किसी भी व्यक्ति को रोजगार नहीं दिया। योजना पहले ही सरकार बंद कर चुकी है। जब शहरों में भाजपा सरकार ने रोजगार देना ही बंद कर दिया तो उसके बाद शहरी रोजगार गारंटी योजना का नाम इंदिरा गांधी से बदलकर मुख्यमंत्री रोजगार गारंटी योजना करने का कोई औचित्य नजर नहीं आता। भाजपा सरकार उपचुनाव की जीत के घमंड में है।
भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना का नाम और लोगो बदल दिया है। अब इसे मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के नाम से जाना जाएगा। स्वायत्त शासन विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए। उपचुनाव से पहले ही इस पर फैसला हो गया था, लेकिन आदेश अब जारी किए गए। सरकार ने इससे पहले इंदिरा रसोई का नाम बदलकर ‘श्री अन्नपूर्णा’ रसोई किया था।
शहरी बेरोजगारों को एक वर्ष में 100 दिन का रोजगार देने के लिए 9 सितंबर, 2022 को योजना शुरू की गई थी। 800 करोड़ रुपए का बजट आवंटन किया गया और 9593 कार्य चिन्हित किए गए।