भाजपा महिला मोर्चा के मशाल जुलूस के दौरान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का 'रौद्र रूप' देखने को मिला। जलती मशालों के साथ सेल्फी खिंचवाने और अनुशासनहीनता बरतने पर राठौड़ महिला नेत्रियों पर इस कदर भड़के कि...
राजस्थान की राजधानी जयपुर की सड़कें मंगलवार रात एक अजीबोगरीब सियासी ड्रामे की गवाह बनीं। मौका था भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस के खिलाफ आयोजित 'मशाल जुलूस' का, लेकिन सुर्खियां विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गुस्सा बटोर ले गया। अमर जवान ज्योति पर आयोजित इस कार्यक्रम में उस समय 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' शुरू हो गया, जब मदन राठौड़ महिला नेत्रियों और कार्यकर्ताओं की अव्यवस्था और लापरवाही पर अपना आपा खो बैठे।
स्थिति यहाँ तक पहुँच गई कि अध्यक्ष महोदय बीच में ही प्रदर्शन छोड़कर अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए, जिससे वहां मौजूद महिला नेत्रियों के चेहरे उतर गए।
घटनाक्रम के अनुसार, भाजपा महिला मोर्चा 'महिला वंदन बिल' के विरोध में कांग्रेस के खिलाफ मशाल जुलूस निकाल रही थी।
जयपुर के इस प्रदर्शन ने भाजपा की 'अनुशासन प्रिय' पार्टी की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जुलूस में आम महिला कार्यकर्ताओं की संख्या उम्मीद से काफी कम रही, जबकि महिला नेत्रियों की संख्या ज्यादा नजर आई। प्रदेश अध्यक्ष का इस तरह बीच कार्यक्रम से नाराज होकर जाना संगठन के भीतर बढ़ती खींचतान और निर्देशों की अवहेलना की ओर इशारा करता है।
मदन राठौड़ का इस तरह नाराज होकर जाना पार्टी के गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का मानना है कि:
जब मदन राठौड़ डांट लगाकर जा रहे थे, तब वहां खड़े दर्जनों मीडियाकर्मियों के कैमरों ने इस 'अनप्लान्ड' मूवमेंट को रिकॉर्ड कर लिया। भाजपा के रणनीतिकार अब इस डैमेज को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब सफाई देना मुश्किल हो रहा है।