
जयपुर। विश्व में हर दूसरे सेकेंड में एक मरीज ब्रेन स्ट्रोक का सामने आ रहा है। हर साल स्ट्रोक (Brain Stroke) के दो करोड़ लोग पीडि़त होते हैं। इनमें से 50 लाख लोगों की मौत हो जाती है। देश में हर साल 15 से 20 लाख लोगों को स्ट्रोक होता है और चार से पांच लाख लोगों की मौत का कारण बनता है।
विश्व ब्रेन स्ट्रोक डे (Brain Stroke Day) पर आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में डॉ. सुरेश गुप्ता व डॉ. सुमित कांबले ने बताया कि सर्दियों में अमूमन ब्रेन स्ट्रोक का खतरा आम दिनों के मुकाबले बढ़ जाता है। इसकी वजह है कि शरीर में ब्लड सप्लाई करने वाली रक्तवाहिकाएं सर्दियों में सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड सप्लाई ठीक से नहीं हो पाती।
डॉ. के.के. बंसल ने बताया कि स्ट्रोक दो प्रकार का होता है हैमरेजिक और इस्केमिक स्ट्रोक। स्ट्रोक के कुल मामलों में हैमरेजिक स्ट्रोक 15 प्रतिशत तक ही होते हैं, जबकि 85 प्रतिशत तक मामले इस्केमिक स्ट्रोक के होते हैं।