
जयपुर। पिछले विधानसभा चुनावों में वोटों में सेंध लगा भाजपा व कांग्रेस को परेशानी में डाल चुकी बहुजन समाज पार्टी ने इस बार विधानसभा चुनाव में अधिक सीट और अधिक वोट का फार्मूला तैयार किया है।
पार्टी विधानसभा चुनाव के बहाने लोकसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार कर रही है। इसके तहत बसपा प्रदेश में अधिक से अधिक वोट और सीट हासिल कर लोकसभा चुनाव में विपक्ष के संयुक्त मोर्चे में अपनी जगह और मजबूत करना चाहती है।
जिससे वह लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के बाहर भी कांग्रेस से अधिक से अधिक सीटों की मांग कर सके। बसपा में संयुक्त तीसरे मोर्चे के गठन के बजाय खुद के दम पर चुनाव जीतने वाले नेताओं को बसपा के टिकट पर उतारने का जोर दिख रहा है।
बसपा फिर से 2008 का प्रदर्शन दोहराना चाहती है। इसके लिए पहले कांग्रेस से बात की गई, लेकिन सीटों को लेकर बात नहीं बनी। बसपा के नेताओं ने प्रदेश में सक्रिय निर्दलीय विधायकों और अन्य दलों के नेताओं से मुलाकात का दौर चला रखा है। हालांकि इस पर वह खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
हाल ही प्रदेश प्रभारी मुनकाद अली राजपा नेता विधायक पिलानिया के घर गए। इस दौरान उन्होंने पिलानिया के पिता ज्ञानप्रकाश पिलानिया से भी वार्ता की। अली ने पिलानिया को बसपा में शामिल होकर आमेर से फिर से चुनाव लडऩे की पेशकश की। साथ ही अन्य सीटों पर भी टिकट बांटने का आग्रह किया।
कांग्रेस-भाजपा की सूची का भी इंतजार
प्रदेश में यदि तीसरे मोर्चे का गठन होता है तो इसमें कांग्रेस-भाजपा के बागियों की अहम भूमिका हो सकती है। बसपा व अन्य दलों के नेता दोनों प्रमुख दलों की सूची आने का इंतजार कर रहे हैं। टिकट से वंचित नेताओं को यह अपने दलों के बैनर तले चुनाव लड़ा सकते हैं।
पिलानिया को शामिल होने का ऑफर, अन्य नेताओं से गुपचुप वार्ता
हमारी तैयारी पूरी है। कांग्रेस से गठबंधन नहीं हो सका है। हम जल्द ही सभी 200 सीटों के लिए घोषणा करेंगे।
सीताराम मेघवाल, प्रदेश अध्यक्ष बसपा
कांग्रेस से गठबंधन को लेकर स्पष्ट किया जा चुका है। कोशिश रहेगी कि जो हमसे प्रभावित है, उनको लेकर चुनाव लड़ा जाए।
मुनकाद अली, प्रभारी राजस्थान बसपा
अली मुझसे मिले हैं और बसपा में शामिल होकर चुनाव लडऩे का ऑफर दिया। हालांकि इस पर मैंने उनको कोई जवाब नहीं दिया है। चुनाव को लेकर राजपा की तैयारी चल रही है।
नवीन पिलानिया, प्रदेश अध्यक्ष, राजपा