इमली वाला फाटक पर लगने वाले जाम और लोगों की परेशानी दूर करने के लिए जेडीए अंडरपास बनाने की तैयारी कर रहा है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 65 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर की घोषणा की थी, लेकिन जगह की कमी के कारण यह फिजिबल नहीं हो पाया और जेडीए ने प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
जयपुर. इमली वाला फाटक पर लगने वाले जाम और लोगों की परेशानी दूर करने के लिए जेडीए अंडरपास बनाने की तैयारी कर रहा है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 65 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर की घोषणा की थी, लेकिन जगह की कमी के कारण यह फिजिबल नहीं हो पाया और जेडीए ने प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब नए सिरे से प्रोजेक्ट को तैयार किया जा रहा है। बजट घोषणा के बाद जेडीए ने धरातल पर काम शुरू किया तो इमली फाटक पर आरओबी और आरयूबी बनाना भी संभव नहीं माना गया।
मौजूदा स्थिति की बात करें तो सहकार मार्ग से इमली फाटक पार कर आगे जाने वाले वाहनों के कारण उस समय जाम लग जाता है, जब फाटक बंद होता है। सहकार मार्ग पर वाहन खड़े हो जाते हैं। इससे न सिर्फ लक्ष्मी मंदिर तिराहे की ओर से आने वाले लोगों को परेशानी होती है, बल्कि 22 गोदाम से आने वाले वाहन भी फंसते हैं।
इसलिए है जरूरी
-यह रास्ता सहकार मार्ग, महेश नगर, सुदर्शनपुरा औद्योगिक क्षेत्र और लक्ष्मी मंदिर क्षेत्र को जोड़ता है।
-120 बार फाटक बंद होता है 24 घंटे में।
इस तरह बनाया प्लान
-सहकार मार्ग से इमली फाटक की ओर जाने वाले कट को बंद किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय तिराहे पर यू टर्न और स्लिप लेन बनाकर ट्रैफिक को व्यवस्थित किया जाएगा।
उद्देश्य: वाहन सीधे फाटक तक खड़े नहीं होंगे और ट्रैफिक अलग-अलग दिशाओं में बंट जाए।
-रेलवे सीमा से महेश नगर की तरफ सड़कचौड़ी होगी। अभी सड़क 5-8 मीटर चौड़ी है। इसे बढ़ाकर 12 से 14 मीटर करने का प्रस्ताव है। इसके लिए लगभग 72 निर्माण प्रभावित होंगे। कुछ ढांचों को हटाना या शिफ्ट करना पड़ेगा।
सड़क चौड़ी होने पर ये हटेंगे
-47 कियोस्क आ रहे हैं सड़क सीमा को चौड़ा करने में
-02 धार्मिक स्थल (इन्हें आइलैंड में एडजस्ट करने का प्रस्ताव भी है)
-01 ट्यूबवेल बंद होगा, 1 मोबाइल टावर और 3 ट्रांसफार्मर होंगे शिफ्ट
-40 पेड़ दूसरी जगह किए जाएंगे ट्रांसप्लांट
(इनमें से ज्यादातर निर्माण महेश नगर की ओर की रोड पर हैं)
एक अंडरपास और पुल चौड़ा करने का प्रस्ताव
सुदर्शनपुरा औद्योगिक क्षेत्र के लिए अभी मौजूदा अंडरपास से वाहनों की आवाजाही हो रही है। आने वाले समय में इसे वन-वे किया जाएगा। इसे 7.5 मीटर से 12 मीटर चौड़ा किया जाएगा। साथ ही नाले से ठीक पहले 7.5 मीटर चौड़ा अंडरपास और विकसित किया जाएगा। ये भी वन वे किया जाएगा।