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Jaipur Crime: मंदिर के सुरक्षाकर्मी की शर्मनाक हरकत, स्कूल जा रही बच्चियों को रास्ते में रोका, मोबाइल में दिखाए अश्लील वीडियो

खोह नागोरियान स्थित एक जैन मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मी पर दो नाबालिग बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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राजस्थान पुलिस। पत्रिका फाइल फोटो

जयपुर। खोह नागोरियान स्थित एक जैन मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मी पर दो नाबालिग बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित बच्चियों के परिजन का आरोप है कि शुक्रवार सुबह जब दोनों बच्चियां स्कूल के लिए निकली थीं, तभी मंदिर के पास तैनात सुरक्षाकर्मी गणेश ने उन्हें रोक लिया।

आरोप है कि उसने बच्चियों को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाए और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। विरोध कर चिल्लाने पर आरोपी गार्ड वहां से भाग गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब स्कूल में अभिभावकों के बीच इस बात को लेकर चर्चा हुई और प्राचार्य ने तुरंत परिजन को सूचित किया।

पुलिस की देरी पर नाराजगी

स्कूल प्राचार्य के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन करीब 30-45 मिनट तक पुलिस के नहीं पहुंचने पर वे खुद थाने पहुंचे और गिरफ्तारी के लिए गाड़ी भेजने का अनुरोध किया।

गार्ड को एक महीने पहले ही काम पर रखा था

दूसरी ओर, मंदिर प्रबंधन का कहना है कि आरोपी गणेश को करीब एक माह पहले ही नियुक्त किया गया था। प्रबंधन के मुताबिक बच्चियों ने उससे समय पूछा था और वही बताने के लिए उसने फोन दिखाया था। एसीपी विनोद कुमार शर्मा को मामले की जांच सौंपी गई है।

हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास

इधर, हत्या कर शव आमेर स्थित मावठा सरोवर में फेंकने के मामले में विशिष्ट न्यायालय (एससी-एसटी कोर्ट) जयपुर महानगर द्वितीय ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अमित कुमार उर्फ गोलू को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक मुकेश जोशी ने बताया कि खोह-नागोरियान निवासी पीड़िता 1 मार्च 2015 को घर से लापता हो गई थी। उसके भाई ने 3 मार्च को गुमशुदगी दर्ज करवाई, जिसके बाद 8 मार्च को आमेर के मावठा सरोवर में उसका शव बरामद हुआ।

पुलिस ने जांच के बाद अमित कुमार को गिरफ्तार कर चालान पेश किया था। अदालत ने साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर माना कि अमित ने ही हत्या कर शव को मावठा में फेंका था। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि किसी की जान लेना गंभीर अपराध है, इसलिए दोषी को उम्रकैद की सजा से दंडित किया जाता है।