जयपुर

Khejri Conservation Law: राजस्थान में खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून जल्द, ड्राफ्ट तैयार करने के दिए निर्देश

Khejri Conservation Law in Rajasthan: जस्थान में खेजड़ी सहित हरे पेड़ों के संरक्षण के लिए सख्त कानून लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

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Mar 23, 2026
सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो: एक्स हैंडलर @BhajanlalBjp

जयपुर। राजस्थान में खेजड़ी सहित हरे पेड़ों के संरक्षण के लिए सख्त कानून लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रस्तावित विधेयक में पेड़ों की अवैध कटाई पर कठोर दंड प्रावधान शामिल करने, संरक्षित पेड़ों की विस्तृत सूची तैयार करने और आमजन को अनावश्यक परेशानी से बचाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बैठक में विधेयक का संशोधित प्रारूप शीघ्र तैयार कर आगामी प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया गया।

संसदीय कार्य व विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट सब-कमेटी की तीसरी बैठक रविवार को आयोजित हुई, जिसमें राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, विधि एवं राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्राप्त सुझावों को समाहित कर संशोधित प्रारूप जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए मजबूत कानूनी ढांचा स्थापित किया जा सके।

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अधिकारियों की बैठक लेते मंत्री जोगाराम पटेल।

मजबूत होंगे प्रावधान

हरे पेड़ों की कटाई पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विधेयक में क्षेत्राधिकार, जांच प्रक्रिया, न्यायिक व्यवस्था, अपील और दंड से जुड़े प्रावधानों को मजबूत बनाने पर विचार किया गया। साथ ही संवेदनशील प्रजातियों के संरक्षण के लिए संरक्षित पेड़ों की सूची विधेयक में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

बीकानेर में 11 दिन तक चला था आंदोलन

बता दें कि खेजड़ी के संरक्षण के लिए बीकानेर में पिछले महीने संतों और बिश्नोई समुदाय ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। 11 दिन तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद सरकार ने खेजड़ी के पेड़ों पर रोक लगाने का एलान किया था। इसके बाद संतों और बिश्नोई समुदाय का महापड़ाव खत्म हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रदेश की संस्कृति, पर्यावरण और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।

सरकार क्यों ला रही सख्त कानून?

खेजड़ी को मरुस्थलीय पारिस्थितिकी का आधार माना जाता है। खेजड़ी न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि पशुओं के लिए चारा और लोगों के लिए आजीविका का अहम स्रोत है। लेकिन, शहरीकरण और विकास कार्यों के कारण तेजी से खेजड़ी की कटाई हो रही है। ऐसे में खेजड़ी की पेड़ों की संख्या लगातार घट रही है। इससे पर्यावरण संतुलन और स्थानीय जीवन प्रभावित हो रहा है। इसलिए राजस्थान सरकार सख्त कानून बनाकर खेजड़ी के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उडाने जा रही है।

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