कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के छात्रों ने सैकड़ों घंटे काम कर लूनर रोवर नाम से पहला निजी चंद्रमा रोवर बनाया है।
लूनर रोवर को पिट्सबर्ग परिसर में डिजाइन किया गया है। इस रोवर को आइरिस नाम दिया गया है और इसे बहुउद्देश्यीय पेलोड के साथ संयुक्त लॉन्च एलायंस ‘वल्कन सेंटौर’ से चंद्रमा पर ले जाया जाएगा। इस रोवर का वजन करीब २ किलोग्राम है। मिशन का उद्देश्य इसकी तकनीक का प्रदर्शन करना व वैज्ञानिक रूप से प्रासंगिक छवियों को तोडऩा है। इस रोवर को कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के छात्र ४ मई को लॉन्च करेंगे। यह रोवर अब तक का सबसे छोटा और सबसे हल्का रोवर होगा। इस मिशन के लिए कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के बच्चे अलग-अलग टीम व शिफ्ट में काम करेंगे।
आइरिस मिशन के राविन डुवैल कमांडर कहते है- ‘आईरिस यह साबित करके चंद्र और अंतरिक्ष अन्वेषण खोल देगा कि छात्रों द्वारा निर्मित एक छोटा, हल्का रोवर चंद्रमा पर सफल हो सकता है। इसमें सैकड़ों छात्रों ने हजारों घंटे डाले हैं और इस मिशन में वर्षों तक काम किया है।’