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Rajasthan Politics : दुनिया की सबसे बड़ी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में गूंजेगी दिव्या मदेरणा की आवाज, राजस्थान की पहली महिला जो वहां देंगी स्पीच

राजस्थान की दबंग नेत्री और ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा आज 1 मई 2026 को विश्व विख्यात ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपना संबोधन देंगी। वे राजस्थान की पहली ऐसी महिला नेता बन गई हैं जिन्हें 'ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट' में चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है।

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Divya Maderna

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मारवाड़ की सियासत में 'मदेरणा' परिवार का दबदबा दशकों से रहा है, लेकिन अब इस विरासत का डंका सात समंदर पार बजने जा रहा है। राजस्थान की दबंग नेत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की सचिव दिव्या मदेरणा आज दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के 'ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट' में अपना व्याख्यान देंगी।

दिव्या मदेरणा के इस दौरे ने राजस्थान की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत कद को वैश्विक स्तर पर बढ़ाता है, बल्कि राजस्थान की महिला शक्ति का लोहा भी पूरी दुनिया में मनवाता है।

ये है कार्यक्रम

दिव्या मदेरणा ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संबोधन का पूरा शेड्यूल साझा किया है।

  • संबोधन का स्थान: ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड (UK)।
  • समय: शाम 4:00 से 5:00 बजे (ब्रिटेन समय) / रात 8:30 से 9:30 बजे (भारतीय समय)।
  • सार्थक संवाद: दिव्या वहां के शोधकर्ताओं, अंतरराष्ट्रीय छात्रों और संकाय सदस्यों (Faculty) के साथ 'पब्लिक पॉलिसी' और 'गवर्नेंस' जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा करेंगी।

सोशल मीडिया पर कर रही हैं ट्रेंड

पिछले 24 घंटों से ट्विटर (X) और फेसबुक पर #DivvyaMahepalMadernnaAtOxford ट्रेंड में बना हुआ है।

पहली राजस्थानी महिला: वे राजस्थान की पहली महिला राजनेता हैं जिन्हें इस विशेष स्कूल में संबोधित करने का गौरव मिला है।



वैश्विक मंच पर किसान की बेटी: दिव्या मदेरणा अक्सर खुद को एक किसान की बेटी और ग्रामीण राजस्थान की आवाज बताती रही हैं। आज उसी आवाज को दुनिया की सबसे बौद्धिक अकादमी सुनेगी।

वहाँ संबोधन देने वाले प्रमुख भारतीय

ब्लावात्निक स्कूल समय-समय पर भारतीय नेताओं और विचारकों को चर्चाओं के लिए आमंत्रित करता है। इनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • हेमंत सोरेन (Hemant Soren): झारखंड के मुख्यमंत्री ने यहाँ एक विशेष चर्चा में भाग लिया, जहाँ उन्होंने खनिज संपन्न राज्यों में संतुलित विकास और प्रकृति के साथ तालमेल पर अपने विचार साझा किए।
  • के. अन्नामलाई (K. Annamalai): तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई ने यहाँ "सेवा से नेतृत्व तक" (From Service to Leadership) विषय पर संबोधन दिया और भारत की क्षमता पर बात की।
  • स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal): राज्यसभा सांसद और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने यहाँ भारतीय राजनीति में महिलाओं के अधिकारों और संस्थागत सुधारों पर चर्चा की।
  • योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav): प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक और कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने "India's Democratic Republic in Flux" विषय पर यहाँ अपने विचार रखे।
  • मोंटेक सिंह अहलूवालिया (Montek Singh Ahluwalia): भारत के योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने यहाँ जलवायु एजेंडा और भारत की नीतियों से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है।

इसके अतिरिक्त, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी ऑक्सफोर्ड से अपनी उच्च शिक्षा (D.Phil) प्राप्त की है, और उनकी शैक्षणिक विरासत को इस संस्थान में बहुत सम्मान दिया जाता है।

क्यों ख़ास है ब्लावात्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का ब्लावात्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट (Blavatnik School of Government) दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक नीति (Public Policy) स्कूलों में से एक है।

स्थापना: इसकी स्थापना 2010 में हुई थी। यह स्कूल दुनिया भर में बेहतर शासन और सार्वजनिक नीति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

उद्देश्य: यहाँ भविष्य के नेताओं को प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वे लोकतांत्रिक मूल्यों, सुरक्षा, आर्थिक प्रशासन और जनस्वास्थ्य जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर सकें।

प्रमुख पाठ्यक्रम: यहाँ मुख्य रूप से Master of Public Policy (MPP), MSc in Public Policy Research और DPhil (PhD) in Public Policy जैसे कोर्स कराए जाते हैं।

वैश्विक समुदाय: यहाँ हर साल लगभग 150 छात्रों को प्रवेश दिया जाता है, जो दुनिया के अलग-अलग देशों और पृष्ठभूमियों से आते हैं।