जयपुर

राष्ट्रसंत आनंद ऋषि के 126वें जन्मोत्सव की तैयारियां तेज

Aug 07, 2026
Rajasthan

होसपेट. राष्ट्रसंत आनंद ऋषि के 126वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियां पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जारी हैं। इसी क्रम में आयोजित "आनंद दरबार का प्रथम पुष्प" कार्यक्रम में संतों ने धर्म, संस्कार और आत्मविकास पर आधारित प्रेरक उद्बोधन देकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया। आचार्य अक्षयऋषि ने कहा कि शुभ कार्य करने में कभी विलंब नहीं करना चाहिए, जबकि अशुभ कार्य को यथासंभव टालना चाहिए। आचार्य अमृतऋषि ने साधना की सफलता के लिए द्रव्य, क्षेत्र, काल और भाव के समन्वय को आवश्यक बताते हुए कहा कि पुण्य कार्यों का शुभ समय होता है, किंतु पाप कर्म के लिए कोई मुहूर्त नहीं होता। कार्यक्रम में गीतार्थऋषि ने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अतुल कानूगो ने अतिथियों का स्वागत किया। अमृतमुनी ने कहा कि माता-पिता और गुरु का स्मरण जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है, जबकि आनंद का संदेश था कि सरलता ही सच्चे साधुत्व की पहचान है। बैठक में मंच व्यवस्था, अतिथि सत्कार, भोजन, आवास, प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न जिम्मेदारियां स्वयंसेवकों को सौंपी गईं। सभी ने जन्मोत्सव को भव्य, अनुशासित और प्रेरणादायी बनाने का संकल्प लिया। भीमसिंह राजपुरोहित ने यह जानकारी साझा की।

Updated on:
07 Aug 2026 06:01 am
Published on:
07 Aug 2026 06:01 am