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International Day of Sign Languages: राजस्थान पुलिस का बड़ा संदेश, बोलने-सुनने में असमर्थ लोगों की हर पुकार अब सुनी जाएगी

पुलिस ने कहा है कि वह हर नागरिक के साथ आसान और संवेदनशील संवाद स्थापित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। बोलने और सुनने में असमर्थ दिव्यांगजनों की मदद के लिए 112 डायल करने की अपील की गई है।
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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Sep 23, 2026

AI generated image of Sign Language

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आज 23 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) पर राजस्थान पुलिस ने एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। पुलिस ने कहा है कि वह हर नागरिक के साथ आसान और संवेदनशील संवाद स्थापित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। बोलने और सुनने में असमर्थ दिव्यांगजनों की मदद के लिए 112 डायल करने की अपील की गई है। पोस्ट में साफ लिखा गया है – “अनकहे शब्दों के मर्म को पहचानें, Sign Language से संवाद को आसान बनाएं!” और “हम सबकी सुनते हैं, हर आवाज़ सुनने के लिए राजस्थान पुलिस संकल्पबद्ध है।” बोल नहीं सकते या सुन नहीं सकते तो भी 112 डायल करो। पुलिस आपकी लोकेशन पकड़ लेगी और मदद पहुंच जाएगी।

राजस्थान पुलिस का जागरूकता अभियान

यह अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर राजस्थान पुलिस का आधिकारिक जागरूकता अभियान है। इसका मकसद बधिर और गूंगे (hearing & speech impaired) दिव्यांगजनों तक पुलिस सेवाओं को आसानी से पहुंचाना और सांकेतिक भाषा के जरिए बेहतर संवाद सुनिश्चित करना है।

किसे फायदा होगा?

  • बोलने-सुनने में असमर्थ दिव्यांगजनों को
  • उनके परिवार वालों को
  • आपात स्थिति में मदद मांगने वाले हर नागरिक को
  • समाज में समावेशी और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था बनाने में
  • सांकेतिक भाषा से पुलिस और दिव्यांगजनों के बीच बनेगा आसान संवाद
  • बोलने-सुनने में असमर्थ लोगों के लिए 112 हेल्पलाइन अब और प्रभावी
  • राजस्थान पुलिस का संकल्प: हर आवाज़ सुनी जाएगी, कोई अनसुना नहीं रहेगा

कैसे काम करती है ये सेवा?

112 डायल करें

  • कोई भी दिव्यांगजन या उनका परिवार वाला आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर सकता है।
  • कंट्रोल रूम में कॉल जाती है कॉल 112 के कंट्रोल रूम (ERSS) में पहुंचती है।
  • सिस्टम आपकी लोकेशन अपने आप ट्रैक कर लेता है।
  • ऑपरेटर समझ जाता है कि मदद की जरूरत है।

मदद कैसे पहुंचेगी?

  • नजदीकी पुलिस टीम/112 वाहन तुरंत भेजा जाता है।
  • पुलिस वाले मौके पर पहुंचकर सांकेतिक भाषा (Sign Language) या अन्य तरीकों से बात समझते हैं।
  • जरूरत पड़ने पर इंटरप्रेटर या ट्रेन्ड अधिकारी की मदद ली जाती है।

पुलिस का संकल्प

राजस्थान पुलिस International Day of Sign Languages पर ये बता रही है कि वे सांकेतिक भाषा को समझकर संवाद आसान बनाएंगे, ताकि कोई भी दिव्यांगजन अनसुना न रहे।

अभी की स्थिति

112 पहले से ही सभी के लिए खुला है। पुलिस कर्मियों को सांकेतिक भाषा का बेसिक ट्रेनिंग देने का काम कई जगहों पर चल रहा है।पूरी तरह dedicated Video Call Sign Language Interpreter सिस्टम अभी सीमित स्तर पर है, लेकिन पुलिस संवेदनशील तरीके से हैंडल करने का वादा कर रही है।