Rajasthan Census 2027 : राजस्थान में जनगणना 2027 केवल एक सर्वे नहीं, बल्कि अगले एक दशक के विकास का ब्लूप्रिंट है। डिजिटल तकनीक के समावेश से इस बार प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होने की उम्मीद है।
राजस्थान में 15 साल के लंबे इंतज़ार के बाद जनगणना 2027 का पहला चरण आगामी 16 मई से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे एक 'राष्ट्रीय कर्तव्य' करार देते हुए स्पष्ट किया है कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। प्रगणक (Enumerators) अब कागज़-कलम के बजाय मोबाइल ऐप और टैबलेट के साथ आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे।
इस पहले चरण में मुख्य रूप से मकान सूचीकरण (House listing) और आवासों की गणना की जाएगी, जिसमें रसोई, शौचालय, पीने के पानी के स्रोत और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ इंटरनेट, स्मार्टफोन और लैपटॉप की उपलब्धता जैसे आधुनिक मापदंडों पर कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। यह डेटा न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति को स्पष्ट करेगा, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की आगामी जनकल्याणकारी योजनाओं के सटीक क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगा।
जनगणना 2027 की सबसे अनूठी विशेषता 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प है, जो देश के इतिहास में पहली बार नागरिकों को मिलने जा रहा है। राजस्थान के निवासी 1 मई से 15 मई 2026 के बीच एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकेंगे, जिससे उन्हें प्रगणकों के आने का इंतज़ार नहीं करना होगा।
यह जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं है; यह निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (Delimitation) और राष्ट्रीय संसाधनों के बँटवारे का मुख्य आधार बनेगी। सटीक आंकड़ों के माध्यम से ही अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए सीटों का आरक्षण और राज्य को मिलने वाले केंद्रीय अनुदान का निर्धारण होगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी और प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद डेटा की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो, क्योंकि यही आंकड़े राजस्थान के अगले एक दशक के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे।
राजस्थान जनगणना 2027 : पूरी जानकारी ( Rajasthan Census 2027 Full Details )
राजस्थान में जनगणना का कार्य चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मकानों की गिनती होगी:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, जनगणना केवल सिरों की गिनती नहीं है, बल्कि इसके कई दूरगामी प्रभाव हैं:
प्रथम चरण (16 मई से 14 जून) में कर्मचारी आपके घर आकर निम्नलिखित जानकारियां मांग सकते हैं:
सरकार ने अपील की है कि जनगणना एक 'राष्ट्रीय कर्तव्य' है। आम नागरिकों को चाहिए कि वे: