
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' को लेकर प्रदेश के युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आलम यह है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के महज 10 दिनों के भीतर ही 5 हजार से भी ज़्यादा युवाओं ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें 10 लाख रुपये तक का कर्ज बिना किसी ब्याज के मिल रहा है जबकि 8वीं पास युवाओं को भी लगभग समान अवसर दिए जा रहे हैं।
अक्सर सरकारी योजनाओं में डिग्री और ऊँची शैक्षणिक योग्यता की मांग की जाती है, लेकिन मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समावेशी सोच इसे अलग बनाती है। यदि आप 8वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं, तो आप मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपये और सेवा/व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन ले सकते हैं। साथ ही सरकार आपको 35 हजार रुपये की मार्जिन मनी (आर्थिक सहायता) भी देगी।
इसी तरह से स्नातक या आईटीआई पास युवाओं के लिए यह सीमा मैन्युफैक्चरिंग में 10 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 5 लाख रुपये तक है, जिसमें 50 हजार रुपये की मार्जिन मनी का प्रावधान है।
इस योजना को 'गज़ब' इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि युवा जो ऋण बैंक से लेंगे, उसके ब्याज का शत-प्रतिशत पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। यानी लाभार्थी को केवल मूल राशि ही लौटानी होगी। इसके अलावा, CGTMSE (क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज) का पुनर्भरण भी सरकार करेगी, जिससे लोन लेने की प्रक्रिया बेहद आसान और सुरक्षित हो जाती है।
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला के अनुसार 12 जनवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी और अब तक 5,089 लोग आवेदन कर चुके हैं। जिलावार रुझान के आधार पर देखें, तो राजधानी जयपुर 385 आवेदनों के साथ पहले स्थान पर है।
इसके बाद चूरू (270), बीकानेर (220), टोंक (212) और हनुमानगढ़ (209) जैसे जिलों में भी भारी उत्साह है। कुल 19 जिलों में 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो योजना की सफलता को दर्शाता है।
योजना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखा गया है ताकि युवाओं को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विजन प्रदेश के एक लाख युवाओं को उद्यमी बनाना है। इस योजना के तहत जब युवा अपना उद्योग लगाएंगे, तो इससे न केवल वे आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उद्योग विभाग के जिला महाप्रबंधक अब प्राप्त आवेदनों की जांच कर उन्हें ऋण स्वीकृति के लिए तेजी से बैंकों को भेज रहे हैं।
Published on:
06 Feb 2026 04:15 pm
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